चकबंदी में अनियमितता पर सख्ती, सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई,

नियम विरुद्ध चक प्रविष्टि के मामले में चकबंदी आयुक्त ने जांच अधिकारी किया नियुक्त।
एटा। चकबंदी कार्यों में अनियमितता और नियम विरुद्ध चक प्रविष्टि के मामले में जिलाधिकारी अरविंद सिंह की सख्ती के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने सहायक चकबंदी अधिकारी रवीन्द्र कुमार के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, फर्रुखाबाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
मामला ग्राम अखतौली, परगना मारहरा, तहसील एवं जनपद एटा का है। कार्यालय ज्ञाप के अनुसार आबादी के निकट मुख्य भूमि पर त्रुटिपूर्ण चक प्रदर्शित किए जाने तथा कृषकों की मूल जोत के विपरीत चक प्रदर्शित किए जाने संबंधी शिकायतें सामने आई थीं। प्रकरण में सहायक चकबंदी अधिकारी रवीन्द्र कुमार की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
पत्र के अनुसार चकबंदी प्रक्रिया में निर्धारित मानकों के विपरीत कार्य किए जाने से ग्रामीणों में असंतोष और विरोध की स्थिति उत्पन्न हुई। मूल जोतदारों से इतर व्यक्तियों को जोत के अनुसार चक प्रदर्शित किए जाने संबंधी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया।
चकबंदी आयुक्त ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत कार्रवाई शुरू की है। जांच अधिकारी को नियमानुसार जांच पूरी कर एक माह के भीतर तथ्यात्मक जांच आख्या निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।




