महाकुंभ 2025: भारतीय रेल का ऐतिहासिक परिचालन, 17,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन

रेल मंत्री ने प्रयागराज पहुंचकर कर्मयोगियों के समर्पण को सराहा
नई दिल्ली। महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन के दौरान भारतीय रेल ने अभूतपूर्व सेवाएं प्रदान करते हुए कुल 17,152 ट्रेनों का संचालन किया। नियोजित 13,000 ट्रेनों के मुकाबले यह संख्या काफी अधिक रही, जो पिछले कुम्भ की तुलना में चार गुना वृद्धि को दर्शाती है। इस दौरान 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में भाग लिया, जिनमें से 4.24 करोड़ यात्रियों ने प्रयागराज के नौ प्रमुख रेलवे स्टेशनों से यात्रा की।
इस विशाल आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेल द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज पहुंचकर रेलवे की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और रेलवे कर्मयोगियों के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “भारतीय रेल ने महाकुंभ 2025 के दौरान सेवा, सुरक्षा और समर्पण का एक नया मानदंड स्थापित किया है।”
रेलवे ने किए ऐतिहासिक प्रबंध
भारतीय रेल ने महाकुंभ क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए। इसमें बनारस-प्रयागराज दोहरीकरण, फाफामऊ-जंघई दोहरीकरण और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल रहीं।
यात्री सुविधाओं में ऐतिहासिक विस्तार
महाकुंभ के मद्देनजर प्रयागराज क्षेत्र में रेलवे द्वारा अनेक सुधार किए गए:
✅ 9 रेलवे स्टेशनों पर नए प्रवेश द्वार
✅ 48 प्लेटफॉर्म एवं 21 फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण
✅ 1,186 सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन से निगरानी
✅ 23 स्थायी होल्डिंग एरिया
✅ 554 टिकट काउंटर, जिनमें 151 मोबाइल यूटीएस काउंटर एवं क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली
✅ 21 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और अंडर ब्रिज (RUB)
✅ 13,000 से अधिक अतिरिक्त रेलवे कर्मचारी तैनात
रेलवे का अत्याधुनिक प्रबंधन और तकनीकी नवाचार
महाकुंभ के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे ने फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) का उपयोग किया और कलर-कोडेड होल्डिंग एरिया बनाए। यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए पीक समय में स्काउट/गाइड और विशेष रेलवे जनशक्ति को तैनात किया गया।
सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं का प्रभावी संचालन
रेलवे ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ, जीआरपी, पुलिस बल, महिला सुरक्षा दल और डॉग स्क्वॉड की विशेष तैनाती की। आपातकालीन स्थितियों के लिए चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, मोबाइल टॉयलेट और खानपान सेवाओं की व्यापक व्यवस्था की गई।
रेल मंत्री ने कहा, “रेलवे की यह सफलता सभी कर्मचारियों के अथक प्रयासों का परिणाम है। भारतीय रेल ने यह साबित कर दिया कि वह किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में जनता की सेवा के लिए तैयार है।”
भारतीय रेल की ऐतिहासिक सफलता का प्रमाण
महाकुंभ 2025 में भारतीय रेल ने सेवा, समर्पण और कुशल प्रबंधन का जो परिचय दिया, वह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। करोड़ों यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा अनुभव प्रदान करके भारतीय रेल ने परिवहन व्यवस्था में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
रेल मंत्री ने अधिकारियों की पीठ थपथपाई, महाकुंभ संचालन की सराहना
महाकुंभ 2025 के सफल संचालन को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज में भारतीय रेल के अधिकारियों की जमकर सराहना की। उन्होंने लखनऊ डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा की पीठ थपथपाते हुए उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता की तारीफ की और कहा कि “रेलवे ने जो समर्पण और दक्षता दिखाई है, वह प्रशंसनीय है।”
रेल मंत्री ने वाणिज्य विभाग के कुलदीप तिवारी, परिचालन विभाग के रजनीश श्रीवास्तव और एडीआरएम सचिन वर्मा को भी बधाई दी और कहा कि “इन सभी अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।”
इस दौरान उत्तर रेलवे के जीएम अशोक वर्मा और लखनऊ डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया और पूरे रेलवे परिवार की ओर से धन्यवाद दिया।

