Kedarnath Helicopter Crash: DGCA जांच शुरू, 22 जून से हेली सेवाएं बंद
केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच में जुटी DGCA टीम, 22 जून से हेली सेवाएं बंद

रुद्रप्रयाग। Aryan Aviation का हेलीकॉप्टर जब केदारनाथ से गुप्तकाशी लौटते समय क्रैश हुआ, तो इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया बल्कि Helicopter safety और ऑपरेशनल नियमों पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। अब इस Kedarnath helicopter crash की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की तीन सदस्यीय टीम कर रही है, जो सोमवार को केदारघाटी पहुंची और crash site inspection किया।
क्रैश साइट का गहन निरीक्षण
DGCA investigation team का नेतृत्व आर.एस. यादव कर रहे थे। टीम ने सबसे पहले गुप्तकाशी हेलीपैड का निरीक्षण किया और इसके बाद केदारनाथ क्रैश साइट पर पहुंचकर ज़मीनी साक्ष्य और मौसम की स्थिति (weather data) का मूल्यांकन किया। टीम ने पाया कि जहां हेलीकॉप्टर की emergency landing हुई, वह स्थान तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं था।
इसके अलावा वीडियो फुटेज और पिछली दुर्घटनाओं के बाद जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल (safety protocols) की अनुपालना की समीक्षा भी की गई। यह भी जांचा गया कि क्या UCADA द्वारा जारी की गई weather stall warning (सुबह 6 से 7 बजे के बीच) के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई।
हेली सेवाएं 22 जून से होंगी बंद
Monsoon helicopter ban के तहत अब 22 जून से केदारनाथ के लिए सभी हेली सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने पुष्टि की कि हर वर्ष की तरह इस बार भी बरसात के मौसम में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और सितंबर में heli operations Uttarakhand में फिर से शुरू किए जाएंगे।
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हेलीकॉप्टर ऑपरेशन: सहूलियत या जोखिम?
यह हादसा इस ओर इशारा करता है कि हेलीकॉप्टर सेवाएं केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि High-risk operations हैं, जहां मौसम और सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। ऐसे में जरूरत है कि Helicopter safety norms को और कड़ा किया जाए और DGCA guidelines को सख्ती से लागू किया जाए।
- Kedarnath helicopter crash ने एक बार फिर हेलीकॉप्टर ऑपरेशन में मौजूद systemic risks को उजागर किया है।
- DGCA investigation अब इस पर फोकस कर रही है कि क्या अतीत की गलतियों से कोई सीख ली गई है या नहीं।
- मानसून के दौरान सेवाओं का निलंबन इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जरूरी है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


