प्रतिष्ठित स्कूल के बाहर टूटी क्रॉसिंग बनी खतरा, गंदे पानी के बीच गिरते-संभलते निकल रहे बच्चे
लखनऊ। राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित प्रतिष्ठित नवयुग रेडियंस स्कूल के बाहर टूटी हुई पुलिया और क्षतिग्रस्त क्रॉसिंग स्कूली बच्चों के लिए खतरा बनी हुई है। रोजाना बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसी टूटे हुए रास्ते से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। क्रॉसिंग के नीचे नाली का गंदा पानी बह रहा है, जिसके कारण बच्चों को बेहद सावधानी से पैर रखकर रास्ता पार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त क्रॉसिंग से गुजरते समय कई बच्चे संतुलन बिगड़ने से गिर चुके हैं। इसके बावजूद नगर निगम के अभियंत्रण विभाग ने अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई है।
🔴 एक चूक और सीधे गंदी नाली में गिरने का खतरा
स्कूल के सामने बनी क्रॉसिंग का बड़ा हिस्सा टूटा हुआ है। नीचे खुली नाली में गंदा पानी लगातार बह रहा है। छोटे बच्चों के लिए इस रास्ते को पार करना सबसे अधिक जोखिम भरा है। जरा सा संतुलन बिगड़ने पर बच्चे सीधे नाली या गंदे पानी में गिर सकते हैं।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल आते और छुट्टी के समय यहां बच्चों की भीड़ रहती है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
🔴 अधिशासी अभियंता के विभाग पर उठे सवाल
यह मामला लखनऊ नगर निगम के जोन-2 के अभियंत्रण विभाग से जुड़ा है। क्षतिग्रस्त पुलिया और क्रॉसिंग की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता झिल्लु राम के विभाग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार समस्या सामने आने के बावजूद विभाग की ओर से मौके पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
सवाल यह है कि क्या अभियंत्रण विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। स्कूल के बाहर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इतनी गंभीर समस्या भी यदि अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं है, तो वार्डों में चल रहे विकास कार्यों और उनकी निगरानी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
🔴 स्थानीय लोगों ने कहा—कई बार गिर चुके हैं बच्चे
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि बच्चे रोजाना इसी टूटी क्रॉसिंग से निकलते हैं। कई बच्चे पैर फिसलने और टूटे हिस्से में फंसने के कारण गिर चुके हैं। लोगों ने मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रॉसिंग की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि गंदे पानी और टूटी पुलिया के कारण आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को है, क्योंकि भीड़ के समय उन्हें निकलने के लिए पर्याप्त सुरक्षित जगह नहीं मिलती।
🔴 पार्षद राजीव दीक्षित ने दूसरे दिन भी नहीं उठाया फोन
यह क्षेत्र वार्ड संख्या-90 के अंतर्गत आता है, जिसके पार्षद राजीव दीक्षित हैं। मामले में उनका पक्ष जानने के लिए सूचना इंडिया की ओर से उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। दूसरे दिन भी दोबारा संपर्क किया गया, इसके बावजूद पार्षद की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े स्थानीय मुद्दे पर क्षेत्रीय पार्षद की प्रतिक्रिया नहीं मिलना भी कई सवाल खड़े करता है।
🔴 हादसे से पहले जागे अभियंत्रण विभाग
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शहर में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन स्कूल के सामने टूटी क्रॉसिंग जमीनी हकीकत बयां कर रही है। यहां समस्या केवल टूटी पुलिया की नहीं, बल्कि उन बच्चों की सुरक्षा की है जो रोजाना जान जोखिम में डालकर इसे पार कर रहे हैं।
अभियंत्रण विभाग को किसी गंभीर दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल मौके का निरीक्षण कर क्रॉसिंग की मरम्मत करानी चाहिए। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।अंतिम हेडिंग को अब अधिक सीधा और असरदार करते हुए “हादसे से पहले जागे अभियंत्रण विभाग” किया गया है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।