Lucknow Jal Kal Department की लापरवाही: Sewer Chamber से जोड़ी गई Drinking Water Pipeline, Water Contamination का खतरा

लखनऊ जलकल विभाग की लापरवाही: सीवर चैंबर से जोड़ी गई Drinking Water Pipeline, सेहत पर संकट
लखनऊ (Soochna India)। राजधानी लखनऊ में पेयजल आपूर्ति को लेकर Lucknow Jal Kal Department की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि Indira Nagar, Gajipur Village, C-Block स्थित मैथिलीशरण गुप्त वार्ड में ठेकेदार और जोन-7 के अधिकारियों की मिलीभगत से Sewer Chamber के अंदर से Drinking Water Pipeline डाली गई।
इस गंभीर मामले का खुलासा भाजपा के पूर्व पार्षद दिलीप श्रीवास्तव ने किया है। उन्होंने कहा कि यह अमानवीय कार्य न केवल मानकों की धज्जियां उड़ाता है बल्कि लोगों की Health Safety को भी खतरे में डालता है।
Sewer Chamber से पानी की लाइन बिछाई गई
पूर्व पार्षद ने फोटो और साक्ष्यों के आधार पर बताया कि –
- गुड्डू के आवास के पास पतली गली समेत कई स्थानों पर Sewer Chamber के नीचे से Drinking Water Line बिछाई गई।
- कई जगहों पर Sewer Line के बिल्कुल पास Water Supply Pipeline डाली गई।
- यह कार्य पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और इससे Water Contamination Risk कई गुना बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री को पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग
श्रीवास्तव ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए Chief Minister, Mayor, Nagar Ayukt और Jal Sansthan GM को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुधारात्मक कदम तुरंत नहीं उठाए गए तो Gajipur Village और Bastouli Village के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर होंगे, जिससे Water Borne Diseases तेजी से फैल सकती हैं।
अधिकारियों की स्वीकारोक्ति, फिर भी कार्रवाई नहीं
पूर्व पार्षद ने बताया कि संबंधित PSS Dhani Ram ने फोन पर यह स्वीकार किया कि कई जगह गलत लाइन डाली गई है।
इसके बावजूद अब तक न तो Sewer Chamber के अंदर से डाली गई Pipeline हटाई गई और न ही नई पाइपलाइन डलवाई गई।
इतना ही नहीं, Bastouli Village में भी इसी तरह का कार्य अभी जारी है।
ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप
श्रीवास्तव ने आगे कहा कि विभाग द्वारा नई टंकी बदलवाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
बड़ा सवाल: Safe Drinking Water कब तक सुरक्षित?
यह पूरा मामला न केवल Lucknow Jal Kal Department की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है बल्कि राजधानी लखनऊ की Drinking Water Quality को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ाता है।
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह लापरवाही नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा संकट बन सकती है।




