बरेली में बारिश का कहर: 24 घंटे में 126 मिमी पानी, कई इलाकों में जलभराव

तेज बारिश और हवा से तापमान गिरा, धान की फसल को नुकसान की आशंका; मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश ने शाम होते-होते तेज रूप ले लिया। रातभर हुई मूसलाधार बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। पिछले 24 घंटे में जिले में 126 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार पानी बरसने से तापमान में भी काफी गिरावट आई है और मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
भारी बारिश का असर शहर की सड़कों और कॉलोनियों पर भी दिखाई देने लगा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी धान समेत दूसरी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
शुक्रवार शाम अचानक बारिश तेज होने से दफ्तरों और बाजारों से घर लौट रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से बादल छाए रहने के कारण तापमान में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को घटकर 25.7 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। रविवार को भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव का असर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। अगले करीब 12 घंटे तक सिस्टम के सक्रिय रहने के बाद इसके निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। 27 सितंबर तक तेज हवा के साथ बारिश का दौर जारी रहने और तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।
धान की फसल गिरने से किसान चिंतित
तेज हवा और बारिश का असर खेतों में भी देखने को मिला है। कई स्थानों पर धान की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। इससे किसानों को उत्पादन घटने और फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
बरेली के अलावा बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी में भी तेज हवा के कारण धान की फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। किसानों ने बारिश का दौर लंबा खिंचने पर नुकसान बढ़ने की आशंका जताई है।
सितंबर की भारी बारिश के बाद फिर मंडराया जलभराव का खतरा
शहर में जलभराव का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। सात सितंबर को हुई 381.1 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश से शहर के कई हिस्सों में बने हालात अभी पूरी तरह सामान्य भी नहीं हुए थे कि अब दोबारा भारी बारिश शुरू हो गई।
लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी जमा होने लगा है। स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डन, कर्मचारी नगर, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर, संजय नगर और सिकलापुर समेत कई इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछली भारी बारिश के बाद भी जल निकासी की व्यवस्था को पर्याप्त रूप से दुरुस्त नहीं किया गया। अब लगातार बारिश के बावजूद कई संवेदनशील इलाकों में पहले से बचाव के इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल पंपिंग सेट लगाने तथा पानी निकासी के दूसरे इंतजाम करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो सितंबर की शुरुआत में बने जलभराव जैसे हालात दोबारा पैदा हो सकते हैं।




