फर्जी मेडिकल कॉलेज का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार,

एटा के महमूदपुर नगरिया में वर्ष 2022 से चल रहा था कथित फर्जी शैक्षणिक संस्थान, डीफार्मा से लेकर बीएएमएस और नर्सिंग तक में प्रवेश का दावा।
मारहरा/एटा।(अमित कुमार)थाना मारहरा पुलिस ने फर्जी मेडिकल कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी संचालित कर छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने और शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर धनराशि लेने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, फर्जी मार्कशीट, आईडी कार्ड, एडमिशन फार्म, अटेंडेंस शीट, फीस रसीद, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, फर्जी मुहर और प्रचार सामग्री समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
अपहरण और फिरौती की सूचना से शुरू हुई जांच,

पुलिस के मुताबिक 16 सितंबर को पीआरवी के माध्यम से रामसेवक ने सूचना दी कि उसके भाई सतेन्द्र कुमार पुत्र दर्शनपाल निवासी महमूदपुर नगरिया को तीन लोग एर्टिगा कार से अपहरण कर ले गए हैं और दो लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। सतेन्द्र की पत्नी की तहरीर पर थाना मारहरा में मुकदमा अपराध संख्या 167/2026 धारा 333/140(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को मामला अलग दिशा में जाता मिला। पुलिस का कहना है कि रामसेवक द्वारा अपहरण और फिरौती की सूचना झूठी एवं भ्रामक पाई गई। जांच आगे बढ़ने पर सतेन्द्र कुमार द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों में फर्जी प्रवेश के नाम पर धनराशि लिए जाने का मामला सामने आया।
2022 से फर्जी कॉलेज चलाने का आरोप,
पुलिस के अनुसार सतेन्द्र कुमार वर्ष 2022 से बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी के नाम से कथित फर्जी शैक्षणिक व्यवस्था संचालित कर रहा था। आरोप है कि इसके माध्यम से डीफार्मा, बीफार्मा, बीएससी नर्सिंग, डीएमएलटी, बीएमएलटी, बीएएमएस, जीएनएम और एएनएम जैसे पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने तथा शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर रकम ली जाती थी।
पुलिस की विवेचना में सामने आए तथ्यों के अनुसार छात्रों के लिए फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड तैयार किए जाते थे। इनमें सेमेस्टरवार मार्कशीट, एनरोलमेंट नंबर, रोल नंबर, अटेंडेंस रिकॉर्ड, एडमिशन फार्म और आई-कार्ड समेत अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
मामले में थाना मारहरा में मुकदमा अपराध संख्या 168/2026 धारा 318(2), 338, 336(3), 340(2) और 111 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक संबंधी रिकॉर्ड का परीक्षण करते हुए जांच आगे बढ़ाई।

छात्रों से फीस के नाम पर रकम लेने का आरोप,
पुलिस के अनुसार प्रथमदृष्टया छात्रों और उनके अभिभावकों से शिक्षा, प्रवेश, परीक्षा और शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर रकम ली जाती थी। जांच के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे कथित फर्जी शैक्षणिक व्यवस्था संचालित किए जाने की बात सामने आई है।
ये सामान हुआ बरामद,
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक डेल कंपनी का लैपटॉप, चार अलग-अलग बैंकों के फर्जी चेक, छात्रों के 16 फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी आवेदन फार्म और अटेंडेंस शीट, फर्जी फीस रसीदें, परीक्षा पुस्तिकाएं, जाली प्रश्नपत्र, एक फर्जी मुहर, फर्जी यूनिवर्सिटी कोड अंकित पंपलेट व प्रचार सामग्री, मुहर लगे लेटर पैड और फर्जी मार्कशीट बरामद करने का दावा किया है।
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सतेन्द्र कुमार पुत्र दर्शनपाल सिंह निवासी महमूदपुर नगरिया, गौरव अग्रवाल पुत्र सुभाष चंद्र अग्रवाल निवासी पंखा वाला बाग नदरई गेट कासगंज, भगवान दास पुत्र निरंजन लाल निवासी धरपसी थाना मारहरा, नरेन्द्र उर्फ पप्पू पुत्र इतवारी लाल निवासी मोहल्ला पैठ मारहरा और मोहम्मद शरीफ कुरैशी पुत्र अब्दुल मजीद निवासी मोहल्ला गफूरगंज मारहरा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक सतेन्द्र कुमार के खिलाफ पहले भी मारहरा थाने में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं नरेन्द्र उर्फ पप्पू का भी पूर्व आपराधिक इतिहास पुलिस ने बताया है।
पुलिस टीम ने किया खुलासा,
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप कुशवाह के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक मुकुल कुमार, कांस्टेबल मुकेश कुमार, सोनू कुंतल, मनोज कुमार और योगेश कुमार शामिल रहे।




