डीपी बोरा जयंती पर जुटे राजनेता, पद्मश्री सुनील जोगी का काव्यपाठ बना आकर्षण का केंद्र
DP Bora Jayanti Celebrated in Lucknow with Poetry by Padma Shri Sunil Jogi | Senior Politicians Pay Tribute

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में सोमवार को वरिष्ठ राजनेता डीपी बोरा की जयंती पर एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर देश के ख्यातिलब्ध कवि और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सुनील जोगी ने एकल काव्यपाठ प्रस्तुत किया, जिसमें हास्य और वीर रस की अद्भुत धारा प्रवाहित हुई। उनकी रचना “हम यूपी वाले भइया हैं” ने श्रोताओं से भारी तालियां बटोरीं, वहीं “सारे दलों में मचा है हाहाकार रसिया” ने लोगों को गहन विचारों में डुबो दिया।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, भाजपा नेता नीरज सिंह सहित विधानसभा और विधान परिषद के कई वर्तमान और पूर्व सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विधायक डॉ. नीरज बोरा ने डीपी बोरा के सामाजिक और राजनीतिक कार्यों का स्मरण कर की। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने छात्र राजनीति के दिनों का स्मरण करते हुए डीपी बोरा को जनता का सच्चा हितैषी बताया और उनके योगदान की सराहना की।
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कार्यक्रम के दौरान एक वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें डीपी बोरा के द्वारा किए गए आंदोलनों और समाज के लिए उनके अद्वितीय योगदान को उजागर किया गया। इस वृत्तचित्र ने उपस्थित लोगों को उनके संघर्ष और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की याद दिलाई।
इस भव्य समारोह का आयोजन डीपी बोरा के परिवार के सदस्यों द्वारा किया गया, जिसमें पंकज बोरा, डॉ. आकाश बोरा, वत्सल बोरा, बिन्दू बोरा और अभिमन्यु मंगलम ने अतिथियों को अंगवस्त्र, मोतियों की माला और रामचरितमानस की प्रतियां भेंट कर सम्मानित किया।



कार्यक्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, राज्य हज समिति के अध्यक्ष मोहसिन रजा, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, पूर्व सांसद बनवारीलाल कंछल, और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।
डीपी बोरा की जयंती पर आयोजित इस समारोह ने उनके अद्वितीय योगदान और संघर्ष को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे समाज को नई ऊर्जा और दिशा मिली। इस आयोजन ने न केवल बोरा के व्यक्तित्व को सम्मानित किया बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा भी दी।




