College of Nursing: चतुर्थ बैच का दीप प्रज्ज्वलन और शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
College of Nursing: Inspiring Excellence at the Oath-Taking & Lamp Lighting Ceremony

कॉलेज ऑफ नर्सिंग के चतुर्थ बैच का दीप प्रज्ज्वलन और शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न
“सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, मेहनत ही मूल मंत्र है” – प्रो. सी.एम. सिंह
College of Nursing ने अपने चतुर्थ बैच के छात्रों के लिए भव्य दीप प्रज्ज्वलन और शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत से हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह ने छात्रों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है, मेहनत ही इसका मूल मंत्र है।” उन्होंने छात्रों को संस्थान की गरिमा बनाए रखने और आत्म-अनुशासन के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य वक्ताओं ने छात्रों को किया प्रेरित
मुख्य नर्सिंग अधिकारी श्रीमती सुमन सिंह ने स्वागत भाषण में बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों द्वारा नर्सिंग पेशे को अपनाने की औपचारिक घोषणा और समर्पण को दर्शाता है।

डॉ. धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव, उप-डीन (नर्सिंग), ने संस्थान की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान अब एक बड़े परिवार के रूप में उभर चुका है। उन्होंने इसके लिए निदेशक महोदय को धन्यवाद दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक कुमार बिश्नोई, डीन (नर्सिंग), अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “आप भाग्यशाली हैं कि लाखों छात्रों के बीच आपका चयन प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थान में हुआ है।” उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ हॉस्टल जीवन का आनंद लेने की सलाह दी।
संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अजय कुमार सिंह ने अनुशासन और अच्छे व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि, “कार्यकुशलता सीखी जा सकती है, लेकिन मरीजों और सहकर्मियों के प्रति अच्छा व्यवहार हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।”
विशेष उपलब्धियां और सम्मान
डॉ. प्रज्ञा पाठक, उपप्रधानाचार्य, ने कॉलेज ऑफ नर्सिंग की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए छात्रों और शिक्षकों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और छात्रों को सम्मानित किया गया।
समर्पण और प्रेरणा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को नर्सिंग पेशे में आत्म-समर्पण का महत्व समझाया गया। यह समारोह न केवल उनकी पेशेवर यात्रा की शुरुआत का प्रतीक था, बल्कि उन्हें अनुशासन, दृढ़ निश्चय और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा भी दी।
कॉलेज ऑफ नर्सिंग का यह आयोजन छात्रों को उनकी नई जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और उन्हें प्रेरित करने का एक अनूठा प्रयास था।




