बरेली: रिद्धिमा में हुआ इंस्ट्रुमेंटल कार्यक्रम ‘स्टिंग आफ डिवोशन’ आयोजित

शास्त्रीय से सुगम संगीत तक वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी ने जीता दिल, ‘एक प्यार का नगमा’ और ‘माई हार्ट विल गो ऑन’ पर झूमे श्रोता

उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के भोजीपुरा स्थित एसआरएमएस रिद्धिमा में 20 सितंबर रविवार शाम संगीत के अलग-अलग रंग एक ही मंच पर नजर आए। यहां आयोजित इंस्ट्रुमेंटल कार्यक्रम ‘स्टिंग ऑफ डिवोशन’ में इंस्ट्रूमेंटल गुरुओं और उनके शिष्यों ने वाद्ययंत्रों से ऐसी सुरलहरियां छेड़ीं कि सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। शास्त्रीय संगीत से लेकर सुगम और फिल्मी धुनों तक की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘गणनायक गणदेवता’ गणेश वंदना से हुई। इंस्ट्रुमेंटल गुरुओं और विद्यार्थियों ने अपने-अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से गणेश वंदना प्रस्तुत की। वायलिन पर सूर्यकांत चौधरी, तबले पर दीप कांत जौहरी और अमरनाथ, पखावज पर ऋषभ आशीष पाठक, सितार पर सीमा, हारमोनियम पर पवन भारद्वाज, ड्रम पर अनुग्रह सिंह, गिटार पर विशेष सिंह, की-बोर्ड पर डेरिक अमन जेम्स, सारंगी पर ध्रुव त्रिपाठी और परकशन पर सुरेंद्र सिंह ने संगत दी।
विद्यार्थियों में डा. नम्रता सिंह, आशीष अग्रवाल और अग्रिम अग्रवाल ने भी प्रस्तुति में भाग लिया। गायन गुरु प्रियंका ग्वाल ने गणेश वंदना में अपनी गायकी से संगत दी।
‘एक प्यार का नगमा’ और टाइटेनिक की धुन पर बजी तालियां
कार्यक्रम में उस समय माहौल और संगीतमय हो गया, जब इंस्ट्रुमेंटल गुरुओं और विद्यार्थियों ने फिल्म ‘शोर’ के कालजयी गीत ‘एक प्यार का नगमा’ की धुन वाद्ययंत्रों पर प्रस्तुत की। इसके बाद फिल्म ‘टाइटेनिक’ के लोकप्रिय गीत ‘माई हार्ट विल गो ऑन’ की धुन ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दोनों प्रस्तुतियों पर कलाकारों को जमकर तालियां मिलीं।
इसके बाद शास्त्रीय संगीत की ठुमरी ‘नैना मोरे’ प्रस्तुत की गई। इंस्ट्रुमेंटल गुरुओं और विद्यार्थियों की वाद्ययंत्रों पर जुगलबंदी के बीच गायन गुरु सात्विक मिश्रा ने अपनी आवाज से ठुमरी में रंग भर दिया।
‘देवा श्री गणेशा’ से फिर गूंजा सभागार
कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में ‘देवा श्री गणेशा’ गीत के जरिए गणेश जी का आह्वान किया गया। इस प्रस्तुति में भी गायन गुरु सात्विक मिश्रा ने संगत दी। वाद्ययंत्रों और गायन के मेल ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन अरुणा गंगवार ने किया। कार्यक्रम में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, देविशा मूर्ति, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा. शैलेश सक्सेना और डा. रीता शर्मा समेत शहर के कई नाटक एवं कला प्रेमी मौजूद रहे।
‘स्टिंग ऑफ डिवोशन’ में कलाकारों और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि जब अलग-अलग वाद्ययंत्र एक साथ सुर साधते हैं तो शास्त्रीय, सुगम और आधुनिक संगीत का ऐसा संगम तैयार होता है, जो श्रोताओं को लंबे समय तक याद रहता है।




