
भारत में भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने के लिए हर साल भाई दूज का पर्व बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए भाई दूज का टीका करती हैं। इस विशेष पर्व पर बहनें अपने भाइयों को टीका लगाकर उनके प्रति अपनी आस्था और स्नेह व्यक्त करती हैं।
भाई दूज का त्योहार क्यों मनाया जाता है?
भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुनाजी के यहां गए थे, जहां उन्होंने बहन यमुना के द्वारा किए गए स्वागत से प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि जो बहन इस दिन अपने भाई को भाई दूज पर टीका करेगी, उसके भाई की उम्र लंबी होगी और वह हर विपत्ति से सुरक्षित रहेगा। तभी से यह दिन भाई दूज का पर्व कहलाता है और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक बन गया है।
Bhai Dooj 2024 का शुभ मुहूर्त
भाई दूज पर दिनभर में पड़ने वाले सभी शुभ चौघड़िया मुहूर्त टीका करने के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। 3 नवंबर को द्वितीया तिथि सूर्योदय से आरंभ हो जाएगी। प्रातः काल से ही भाई दूज पर टीका करने के मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।
- शुभ चौघड़िया मुहूर्त: पंचांग अनुसार, पहला मुहूर्त सुबह 7:57 से 9:19 के बीच चर चौघड़िया में टीका करने का रहेगा।
- इसके बाद सुबह 9:20 से 10:41 बजे के बीच लाभ चौघड़िया का दूसरा मुहूर्त होगा।
- सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त अमृत चौघड़िया को माना गया है और सुबह 10:41 से दोपहर 12 बजे के बीच अमृत चौघड़िया रहेगा।
जो बहनें दिन में भाई को टीका न लगा पाएं, वो शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच शुभ और अमृत चौघड़िया में भाई को टीका कर सकती हैं।
इन मुहूर्तों में भाई दूज का टीका करने से भाइयों के जीवन में सुख, समृद्धि और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है।
भाई दूज से जुड़ी परंपराएं और रीतियां
भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए है। इस दिन बहनें भाइयों को अपने घर आमंत्रित करती हैं और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराती हैं। इसके बाद बहनें भाई के माथे पर तिलक करती हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। भाई दूज पर टीका लगाते समय बहनें भाई की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं।
भाई दूज का पर्व और भाई-बहन का संबंध
भाई दूज का त्योहार न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी बनाए रखता है। भाई दूज का पर्व भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास का त्योहार है, जिसमें बहनें अपने भाई की खुशियों की कामना करती हैं और भाई उन्हें जीवनभर सुरक्षा का वचन देते हैं।
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भाई दूज का महत्व
यह पर्व केवल हिंदू धर्म में नहीं बल्कि कई समाजों में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाईयों की सुरक्षा और लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस दिन Bhai Dooj 2024 Shubh Muhurat का पालन करते हुए विधिपूर्वक पूजा करने से भाई-बहन दोनों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा बनी रहती है।
भाई दूज का पर्व भारत में भाई-बहन के अनमोल रिश्ते का उत्सव है। Bhai Dooj 2024 पर सभी बहनों के लिए यह दिन खास होता है, जब वे अपने भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना करती हैं और भाई उन्हें जीवनभर रक्षा का वचन देते हैं। भाई दूज पर टीका का महत्व और शुभ मुहूर्त का पालन करने से इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।




