बलरामपुर में इलाज के नाम पर महिला से बलात्कार, आरोपी अस्पताल कर्मचारी गिरफ्तार
बलरामपुर के विमला विक्रम अस्पताल में 28 वर्षीय महिला के साथ हैवानियत, SP विकास कुमार ने दी जानकारी, आरोपी से कड़ी पूछताछ जारी।

इलाज के नाम पर हैवानियत: बलरामपुर में महिला से बेहोशी की हालत में बलात्कार, आरोपी अस्पताल कर्मचारी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। इलाज के नाम पर एक महिला को पहले बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया और फिर उसके साथ बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना बलरामपुर के पचपेड़वा थाना क्षेत्र के विमला विक्रम अस्पताल की है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, पीड़िता गैसड़ी क्षेत्र की रहने वाली करीब 28 वर्षीय महिला है, जो किसी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी। इलाज के दौरान अस्पताल कर्मचारी योगेश पांडे ने महिला को इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया।
होश आने पर महिला ने दर्ज कराई FIR
होश में आने के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bhartiya Nyay Sanhita) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसे जल्द ही कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा।
अस्पताल प्रबंधन पर भी उठे सवाल
इस शर्मनाक घटना के बाद विमला विक्रम अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को इंजेक्शन लगाने का अधिकार किस आधार पर मिला? क्या अस्पताल प्रशासन ने कभी उसके कामकाज पर नजर रखी? पुलिस इस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है।
बलरामपुर का आपराधिक नेटवर्क फिर चर्चा में
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गौरतलब है कि बलरामपुर जिला हाल ही में चर्चित धर्मांतरण सिंडिकेट के खुलासे के कारण भी सुर्खियों में रहा है। छांगुर बाबा गैंग पर हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसा कर उनके साथ बलात्कार और फिर जबरन धर्मांतरण कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क में विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रही हैं।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं और सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही की भी गहराई से जांच होगी ताकि भविष्य में कोई और महिला इस तरह की दरिंदगी का शिकार न बने।



