वर्तमान समय में 20000 से अधिक लोगों के आवागमन का एक मात्र जरिया, रामदास खेड़ा की जर्जर पुलिया
Serious Hazards Posed by damaged Puliya in Ramdas Kheda: Will the Administration Act?

रामदास खेड़ा की जर्जर पुलिया: हादसों को खुला निमंत्रण, कब जागेगा प्रशासन?
लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित रामदास खेड़ा इलाके की पुलिया की जर्जर हालत आम जनता के लिए गंभीर खतरे का कारण बन चुकी है। यह पुलिया अब एक ऐसे हादसे को निमंत्रण दे रही है, जिसे नजरअंदाज करना जनता के जीवन को दांव पर लगाने जैसा है। हाल ही में एक ई-रिक्शा, जिसमें सवारियाँ भरी थीं, इस पुलिया के कारण असंतुलित होकर नाले में पलट गया। इस घटना में जान-माल का बड़ा नुकसान होने से तो बचा लिया गया, परंतु यह घटना शासकीय उदासीनता की ओर इशारा करती है।
क्या पुलिया की दीवार की कमी है हादसों का कारण?
रामदास खेड़ा की पुलिया पर न तो कोई सुरक्षा दीवार है और न ही मरम्मत का कोई ठोस इंतजाम। इसके चलते आये दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं, और हर गुजरते दिन के साथ जोखिम बढ़ता जा रहा है। यदि पुलिया पर सुरक्षा दीवार होती, तो शायद यह दुर्घटना टल सकती थी। प्रशासन की अनदेखी के कारण यहाँ लगातार हादसे होते रहते हैं, परंतु प्रशासन और सरकार का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है।
जनता की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की उदासीनता
इस पुलिया की हालत पर शासन प्रशासन का कोई ठोस कदम न उठाना उनके उदासीन रवैये को उजागर करता है। रामदास खेड़ा के स्थानीय निवासी इस पुलिया की खस्ता हालत को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
प्रशासन की बेरुखी पर सवाल
रामदास खेड़ा और आस पास की तमाम कालोनिओं के निवासियों का यह सुलगता सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या जनता की जान की कीमत पर ही प्रशासन जागेगा? यह सवाल न केवल स्थानीय लोगों का है, बल्कि समस्त लखनऊ के नागरिकों का भी है जो सरकारी उदासीनता के कहीं न कहीं शिकार हैं।
Lucknow Nagar Nigam में नगर आयुक्त का सख्त कदम | स्थानांतरण में अनियमितताओं पर रोक
योगी सरकार से उम्मीदें
“सूचना इंडिया – इंडिया की आवाज” द्वारा उठाए गए इस सवाल का उद्देश्य यह है कि योगी सरकार और प्रशासन इस स्थिति को गंभीरता से लें और तत्काल कार्रवाई करें। सरकार को चाहिए कि रामदास खेड़ा की पुलिया की जल्द से जल्द मरम्मत करवाकर यहाँ की जनता को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार प्रदान करे।



रामदास खेड़ा की जर्जर पुलिया की स्थिति प्रशासन की बेरुखी को दर्शाती है। यह एक चेतावनी है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाले हादसों के लिए प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। जनता को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना सरकार का कर्तव्य है और इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह वक्त है कि प्रशासन अपनी आँखें खोले और इस पुलिया की समस्या का समाधान निकाले, ताकि भविष्य में जान-माल की हानि से बचा जा सके।




