Hyderabad: DNA टेस्ट ने खोला फर्जी सरोगेसी रैकेट का राज, नवजात शिशु बेचने का खुलासा
Hyderabad के Universal Srishti Fertility Center में गरीबों से नवजात खरीदकर सरोगेसी के नाम पर बेचने का खुलासा, डॉक्टर नम्रता समेत 8 गिरफ्तार

DNA टेस्ट से खुला स्पर्म तस्करी और फर्जी सरोगेसी रैकेट का राज: हैदराबाद में नवजात शिशु बेचने का घिनौना खेल
हैदराबाद से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। स्पर्म तस्करी और फर्जी सरोगेसी रैकेट का ऐसा खुलासा हुआ है जिसने IVF इंडस्ट्री की हकीकत पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, सिकंदराबाद के Universal Srishti Fertility Center में ऐसा खेल चल रहा था जिसमें गरीब परिवारों से नवजात शिशु खरीदे जाते थे और उन्हें सरोगेसी के नाम पर उन कपल्स को महंगे दामों पर बेचा जाता था जो IVF इलाज के लिए आते थे।
कैसे हुआ खुलासा?
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब एक कपल ने गोपालपुरम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि डॉक्टर नम्रता ने उनसे 35 लाख रुपये लिए और कहा कि सरोगेसी से पैदा हुआ बच्चा बायोलॉजिकली उन्हीं का है। जब कपल ने बच्चे का DNA टेस्ट कराया तो वह पिता से मैच नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर की संचालिका डॉ. अथालुरी नम्रता समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
क्या था पूरा ‘सेरोगेसी’ का फर्जीवाड़ा?
जांच में खुलासा हुआ कि सेंटर असल में कोई सरोगेसी नहीं कराता था। डॉक्टर नम्रता और उसके सहयोगी गरीब परिवारों से नवजात शिशु खरीदते थे। इस केस में भी बच्चे के असली माता-पिता, जो असम के रहने वाले हैं, को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन माता-पिता को 90 हजार रुपये देकर बच्चा खरीद लिया गया था और विशाखापत्तनम में डिलीवरी कराई गई थी। बच्चे को महज 2 दिन बाद हैदराबाद लाकर कपल को 35 लाख रुपये में बेचा गया।
भारत में ‘कॉमर्शियल सरोगेसी’ गैरकानूनी
भारत में कॉमर्शियल सरोगेसी पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सिर्फ परोपकारी (Altruistic) सरोगेसी की अनुमति है। बावजूद इसके डॉक्टर नम्रता और उसके नेटवर्क ने गरीब परिवारों को पैसे का लालच देकर मानव तस्करी और फर्जी सरोगेसी को बड़ा कारोबार बना लिया था।
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पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर नम्रता पर पहले भी 10 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। 2016 में अमेरिका के एक एनआरआई कपल ने भी इसी तरह का आरोप लगाया था। उस केस में तेलंगाना मेडिकल काउंसिल ने उसका लाइसेंस 5 साल के लिए रद्द कर दिया था। 2020 में विशाखापत्तनम पुलिस ने भी डॉक्टर नम्रता को नवजात शिशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पुलिस की कार्रवाई जारी
Hyderabad पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और उसके नेटवर्क पर कई धाराओं में केस दर्ज किया है। डीसीपी के अनुसार पूछताछ के बाद कई और खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है और इस घिनौने खेल में शामिल बाकी लोगों की तलाश भी की जा रही है।
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