पीएम ई-विद्या के राष्ट्रीय मिशन को जन-जन तक पहुचाने में उन्नाव निभाएगा अहम भूमिका

एससीईआरटी प्रशिक्षण के बाद छह शिक्षाविदों को मिली एडवोकेसी की जिम्मेदारी, डॉ. प्रदीप वर्मा बोले—हर विद्यालय और हर विद्यार्थी तक पहुँचाएंगे डिजिटल शिक्षा का अभियान
उन्नाव। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रत्येक बच्चे तक पहुँचाने के भारत सरकार के महत्वाकांक्षी पीएम ई-विद्या अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में संयुक्त निदेशक पवन सचान के निर्देशन में उन्नाव अब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एससीईआरटी, उत्तर प्रदेश द्वारा एनसीईआरटी के केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) एवं BISAG-N के सहयोग से आयोजित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के उपरांत जनपद में पीएम ई-विद्या की एडवोकेसी को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है, जिसकी शुरुआत प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को जनपद नोडल की जिम्मेदारी देकर की जा रही है। इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए जनपद के तीन शिक्षकों—डॉ. प्रदीप वर्मा, आशीष दीक्षित एवं आकांक्षा त्रिपाठी एवं डायट उन्नाव के तीन प्रवक्ताओं—श्याम सिंह, डॉ. उमा प्रसाद पटेल एवं दिनेश कुमार सिंह का चयन किया गया है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को डिजिटल कंटेंट डिज़ाइन, स्टूडियो प्रस्तुतीकरण, शैक्षिक वीडियो निर्माण, गुणवत्ता मूल्यांकन तथा प्रभावी डिजिटल शिक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। एसीईआरटी निदेशक ने कहा कि पीएम ई-विद्या केवल शैक्षिक वीडियो प्रसारण की योजना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समान रूप से उपलब्ध कराने का राष्ट्रीय मिशन है। प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों के आधार पर अब जनपद के विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच व्यापक एडवोकेसी अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग पीएम ई-विद्या के डीटीएच चैनलों, यूट्यूब एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का नियमित उपयोग कर सकें। शिक्षक प्रदीप वर्मा ने कहा कि उन्नाव में अभी भी पीएम ई-विद्या के प्रति अपेक्षित जागरूकता का अभाव है। जबकि यह मंच विद्यार्थियों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण एवं 24 घंटे उपलब्ध शैक्षिक सामग्री प्रदान करता है, जिससे कठिन विषयों को समझना, छूटे हुए पाठों की भरपाई करना और स्व-अध्ययन को बढ़ावा देना संभव होता है। एनसीईआरटी, एससीईआरटी, सीआईईटी एवं BISAG-N के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया कि भविष्य की शिक्षा में डिजिटल संसाधनों की भूमिका लगातार बढ़ेगी। इसी उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण का लक्ष्य केवल उत्कृष्ट ई-कंटेंट तैयार करना नहीं, बल्कि उसकी प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना भी है। साथ ही यह भी कहा कि उन्नाव में पीएम ई-विद्या के प्रचार-प्रसार के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विद्यालय स्तर पर शिक्षक अभिमुखीकरण, अभिभावक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से इस राष्ट्रीय अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उन्नाव डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में अपनी सशक्त पहचान बना सके। संयुक्त निदेशक पवन सचान द्वारा जनपद के सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण दाताओं में एनसीईआरटी के अखिलेश वर्मा, डॉ कमलेश यादव, मोनिका भातकुनि सहित कमल जी की मुख्य भूमिका रही।


