जवानों की कलाई पर सजी राखी, भावुक हुआ सीआरपीएफ परिवार


वाराणसी में पहाड़िया स्थित 95वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के मुख्यालय में बुधवार को रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से पहुंचीं बहनों व छात्राओं ने सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जवानों ने भी बहनों की सुरक्षा और सम्मान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ 95वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर और विशिष्ट अतिथि अर्चना बालापुरकर ने किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, जवानों, छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में लगातार डटे रहते हैं। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य जवानों को यह एहसास कराना है कि उनका परिवार उनसे दूर नहीं है और समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं की बहनों और छात्राओं ने मुख्यालय में आकर घर-परिवार जैसा वातावरण बना दिया, जिससे कई जवान भावुक हो उठे।
रक्षाबंधन कार्यक्रम में डायनेमिक स्कूल, संत अतुलानंद रेजिडेंशियल स्कूल, लायंस क्लब वाराणसी, लीला फाउंडेशन क्लब और ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी बहनों व छात्राओं ने हिस्सा लिया। बहनों ने जवान भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी, मिठाई खिलाई और उनकी कलाइयों पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं। इसके बदले जवानों ने भी बहनों को सुरक्षा, सम्मान और सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक सीआरपीएफ जवानों को रक्षा सूत्र बांधा गया। इस भावनात्मक क्षण में कई जवानों की आंखें नम हो गईं। लंबे समय से परिवार से दूर रहकर देश सेवा कर रहे जवानों के लिए यह आयोजन आत्मीयता और अपनत्व से भरा रहा।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी आलोक कुमार, उपकमांडेंट नवनीत कुमार, सहायक कमांडेंट अभिषेक सिंह सहित 95वीं बटालियन के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। इसके अलावा संत अतुलानंद रेजिडेंशियल स्कूल की श्रीमती किरण सिंह के नेतृत्व में छात्राओं ने भाग लिया। ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से ब्रह्माकुमारी तपोसी जी, राधिका जी सहित छात्राओं और बच्चियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
आयोजकों ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, स्नेह और सुरक्षा के संकल्प का भी प्रतीक है। सीआरपीएफ परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने जवानों और समाज के बीच भावनात्मक रिश्ते को और मजबूत किया।




