जोन-7 में नालियां कूड़े से पटीं, गलियां झाड़ियों में गुम, मेन रोड तक गंदगी का कब्जा—अपर नगर आयुक्त के निरीक्षण और महापौर के स्वच्छता दावों के बाद भी सफाई निरीक्षक की निगरानी फेल, ऐसे हालात में लखनऊ की स्वच्छता रैंकिंग कैसे सुधरेगी?
Mishra Manish1 hour agoLast Updated: August 26, 2026
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विकास नगर से खुर्रमनगर तक बदबू-मच्छरों से लोग परेशान; अपर नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरे हालात, जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षक की निगरानी पर सवाल
लखनऊ नगर निगम के जोन-7 में सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विकास नगर से लेकर शंकरपुरवा तृतीय और खुर्रमनगर तक कई स्थानों पर नालियों में कूड़े के ढेर, बड़ी-बड़ी झाड़ियां, जमा गंदगी और सड़क किनारे फैला कचरा स्वच्छता व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहा है। हालात यह हैं कि नालियों के किनारे घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे बदबू के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
🔴 न्यू इंडिया ग्रीन लॉन के सामने नाली बनी कूड़ाघर
विकास नगर में न्यू इंडिया ग्रीन लॉन के सामने नाली में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा है। नाली के आसपास झाड़ियां और घास उगी हैं। गंदगी से उठ रही बदबू स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सवाल है कि नियमित सफाई और निरीक्षण के दावों के बावजूद मुख्य क्षेत्र में ऐसी स्थिति आखिर अधिकारियों की नजर से कैसे बची हुई है?
🔴 शंकरपुरवा तृतीय-खुर्रमनगर में कूड़े का बड़ा ढेर
शंकरपुरवा तृतीय, खुर्रमनगर क्षेत्र में भी कूड़े का बड़ा ढेर लगा मिला। गलियों में जगह-जगह बड़ी झाड़ियां हैं और नालियों के किनारे कूड़ा तथा घास जमा है। ऐसे में संबंधित सफाई निरीक्षक की क्षेत्रीय मॉनिटरिंग पर सीधा सवाल खड़ा हो रहा है। कागजों पर निरीक्षण हो रहा है तो जमीन पर उसका असर क्यों नहीं दिखाई दे रहा?
🔴 दोपहर तक मेन रोड से नहीं उठा कूड़ा
खुर्रमनगर की मुख्य सड़क पर भी दोपहर तक कूड़ा नहीं उठाया गया। सड़क किनारे रखा डस्टबिन खुद स्वच्छ भारत मिशन के दावों को चुनौती देता नजर आया। मेन रोड से लगे खाली प्लॉटों में भी बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा है। जब मुख्य मार्गों की यह हालत है तो अंदरूनी गलियों में सफाई की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
🔴 अवैध ठेलियों पर रोक के बाद भी संचालन, संरक्षण पर उठे सवाल
(अवैध ठेलिया वाले का बयान)
क्षेत्र में कथित रूप से अवैध कूड़ा ठेलियां भी चलती नजर आ रही हैं। महापौर की ओर से पूर्व में ऐसी अनधिकृत व्यवस्था पर रोक लगाने की बात कही जा चुकी है। इसके बावजूद यदि ठेलियां चल रही हैं तो सवाल उठता है कि इन्हें किसकी अनुमति या संरक्षण हासिल है? यह मामला जांच का विषय है कि कहीं व्यवस्था की आड़ में किसी तरह का अवैध लेन-देन या संरक्षण तो नहीं चल रहा। नगर निगम को इस पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
🔴 अपर नगर आयुक्त पहुंचे थे, फिर भी नहीं बदली तस्वीर
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह वही इलाका है जहां कुछ दिन पहले अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसके बावजूद नालियों में कूड़ा, गलियों में झाड़ियां और मुख्य मार्ग पर कचरा दिखाई देना बताता है कि नीचे स्तर पर दिए गए निर्देशों का अपेक्षित असर नहीं हो रहा।
🔴 जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षक की जवाबदेही कब तय होगी?
जोन-7 में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी जोनल अधिकारी और संबंधित सफाई निरीक्षक की है। ऐसे में सवाल साफ है—अगर निरीक्षण और मॉनिटरिंग लगातार हो रही है तो न्यू इंडिया ग्रीन लॉन के सामने नाली कूड़े से क्यों भरी है? खुर्रमनगर में बड़े कूड़े के ढेर क्यों लगे हैं? गलियों की झाड़ियां क्यों नहीं कट रहीं और मुख्य सड़क से दोपहर तक कूड़ा क्यों नहीं उठ पा रहा?
स्वच्छता के दावे तभी जमीन पर उतरेंगे, जब फोटो और फाइलों से आगे बढ़कर मौके पर सफाई दिखेगी। अब जोन-7 में सिर्फ सफाई नहीं, जवाबदेही तय करने की भी जरूरत है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।