एक्शन मोड़ में दिखी ऋतू खंडूरी अधिकारियों से बैठक में पूछे अहम सवाल दिए जरुरी निर्देश


देहरादून :- कोटद्वार से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद ऋतु खंडूडी भूषण अपने क्षेत्र के विकास के लिए एक्शन मूड में दिख रही है, जिसके चलते वह लगातार अलग अलग विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर समीक्षा कर जरूरी सुझाव एवं दिशा निर्देश दे रही हैं।

इसी कड़ी में विधानसभा भवन देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शहरी विकास, आवास विकास, ऊर्जा विभाग, पेयजल विभाग एवं परिवहन विभाग के सचिव स्तर से लेकर विभागीय अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में पूर्ण हो चुके विकास कार्य, संचालित योजनाओं और भविष्य में होने वाले विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करें और क्षेत्र की समस्याओं का निस्तारण शीघ्र किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने शहरी विकास विभाग के अधिकारियों से कोटद्वार में कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रेचिंग ग्राउंड बनाए जाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में ट्रेचिंग ग्राउंड ना होने से वहां रोजाना निकलने वाले कूड़े कचरे का निस्तारण एक बड़ी समस्या है। वहीं उन्होंने अधिकारियों से कोटद्वार में सीवर की समस्या को दूर करने के लिए स्थान चिन्हित कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने की बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने शहरी विकास विभाग से कोटद्वार क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए (अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन) अमृत 2.0 योजना की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। बता दें कि अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर पानी कनेक्शन मिलेगा एवं हर घर को सीवर या सेप्टिक टैंक से जोड़ने की योजना है।विधानसभा अध्यक्ष ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से बातचीत करते हुए कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में विद्युत कटौती कम करने के लिए कहा जिस पर अधिकारियों द्वारा अवगत किया गया कि अब एक से लेकर डेढ़ घंटे तक ही रोस्टिंग की जाएगी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में पुरानी 33 के वी खुली विद्युत लाइनों को बदल कर एएएसी कवर्ड कंडक्टर स्थापित किए जाने एवं मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप 4.4 करोड रुपए की लागत से क्षेत्र के अंतर्गत 61 स्थानों पर कृषि भूमि व आवासीय भूमि के ऊपर से हाईटेंशन 11 व 33 केवी लाइनों को शिफ्ट किए जाने संबंधित अभी तक विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की।
