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स्मार्ट सिटीलखनऊ

जोन-7: सफाई छोड़ सियासत में उलझा प्रशासन! शहर की हालत बदहाल! पढ़ें पूरी रिपोर्ट

लखनऊ नगर निगम का जोन- 7 इन दिनों सफाई से ज्यादा सियासत का अखाड़ा बना हुआ है। जहां एक ओर स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम शहर की रैंकिंग सुधारने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर अम्रपाली चौराहे से बांधा बैरल 7 जाने वाले बड़े नाले में कचरे का अंबार साफ बता रहा है कि सफाई सिर्फ कागजों में हो रही है।

कचरे के ढेर पर बैठी राजनीति

नगर निगम के कर्मचारी और ठेका कंपनी के बीच जारी ‘द्वंद युद्ध’ ने पूरे जोन- 7 को कूड़े के साम्राज्य में बदल दिया है। जोन के वार्डों में कर्मचारी हड़ताल पर हैं, नाले कूड़े से पटे पड़े हैं, और जनता बेहाल है। मगर अफसरों की नज़रें या तो बंद हैं या फिर किसी खास ‘हित’ की तलाश में टिकी हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण टीम आएगी तो ‘शुद्धिकरण’ होगा?

इस नाले से कुछ ही दूरी पर स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम निरीक्षण करने वाली है। अगर उनकी नजर इस ‘स्वच्छ भारत विरोधी’ दृश्य पर पड़ गई तो लखनऊ की रैंकिंग रसातल में जाना तय है। नगर आयुक्त और महापौर शहर को चमकाने की उम्मीद में लगे हैं, लेकिन जोन- 7 के इस ‘सफाई कांड’ के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

सेनेटरी अफसर सिर्फ राजनीति में लगे, जनता से बेखबर

सेनेटरी अफसर की जिम्मेदारी थी कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए, लेकिन ऐसा लगता है कि वे कुर्सी से उठने के मूड में ही नहीं हैं। कचरे के ढेर से उठती बदबू ने जनता के साथ-साथ वार्ड पार्षदों की छवि को भी ‘दागदार’ कर दिया है। पार्षद जब जनता के बीच जाते हैं तो लोगों का सीधा सवाल होता है – “सफाई कहां है?” मगर इस सवाल का जवाब देने के बजाय अफसर और नेता एक-दूसरे की ओर उंगली उठा रहे हैं।

सफाई नहीं, सिर्फ सफाई देने में जुटा प्रशासन

हर तरफ गंदगी का साम्राज्य है, लेकिन सफाई अफसर सिर्फ फाइलों में सफाई दिखाने में लगे हैं। जनता का सवाल है कि जब कचरे से निपटने का ठेका कंपनी को दिया गया है, तो फिर रोज़ाना ऐसी दुर्गंध क्यों उठ रही है? कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा जनता क्यों भुगते?

अब कौन करेगा नाले की सफाई?

लखनऊ नगर निगम अगर जल्द ही जोन 7 में सफाई व्यवस्था नहीं सुधारता, तो शहर को स्वच्छता रैंकिंग में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। महापौर और नगर आयुक्त को चाहिए कि वे हड़ताल, ठेकेदारी राजनीति और अफसरों की लापरवाही को दरकिनार कर जनता को राहत दें। वरना, अगला चुनाव आते-आते “स्वच्छता अभियान की गंदगी” कई राजनीतिक करियर को भी ‘धो’ सकती है।

मनीष मिश्रा

मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 5 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।

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