World Autism Day पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम ||

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में 2 अप्रैल के दिन विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाने की घोषणा की थी तब से विश्व में 2 अप्रैल को ऑटिज्म जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसके द्वारा लोगों को जागरूक एवं सार्थक जीवन बिताने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
स्वलीनता या आटिज्म एक न्यूरोलोलॉजिकल और विकास संबंधी विकार है। आटिज्म एक तरह की विकलांगता है, बीमारी नहीं। इसलिये आटिज्म कभी जाता नहीं है, आटिज्म बचपन में शुरू होता है और एक व्यक्ति के जीवन में अंत तक रहता हैं। कुछ दवाईयों और थेरेपी के द्वारा कुछ लक्षणो को नियंत्रित किया जा सकता है।प्राय: 60 में से 1 बच्चा आटिज्म से ग्रसित पाया जाता हैं।यह लड़को में ज़्यादा पाया जाता है (1:4)।यह बच्चे भाषा नहीं समझते एव कम्यूनिकेशन व सामाजिक व्यवहार का अभाव होता हैं । आशा ज्योति स्पैशल स्कूल इन्दिरा नगर मे पढाई के साथ इन बच्चो को जीवन यापन के लिये व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है |




