Welcome to Soochna India   Click to listen highlighted text! Welcome to Soochna India
भ्रष्टाचारराजनीति

खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हुए छात्र


शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार तमाम दावे तो करती है,लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही नजर आती है। जहा खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर बच्चे तो वही स्कूल की जर्जर इमारत दे रही हादसे को न्योता।

सरकार शिक्षा पर करोड़ों रुपये तो खर्च करती है, पर जमीनी हालात नोनिहलों पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दल स्वास्थ ओर शिक्षा सुधारने के बड़े- बड़े दावे करते हैं। पर जैसे ही यह दल सत्ता पर काबिज़ होते हैं, इस ओर कोई ध्यान नही दिया जाता। अगर हम बात करें डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की तो यहां के विधायक लगभग 4 सालों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे, ओर उनके सीएम बनने से यहां की जनता को बड़ी उम्मीदें भी थी, पर आज डोईवाला के दर्जनों स्कूलों की जर्जर स्तिथि को देख सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते है। हालांकि इस स्कूल को लेकर कॉंग्रेस कार्यकर्ता कई बार आवाज उठा चुके हैं।

खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर नोनीहाल || Soochna India

स्कूल की इमारत जर्जर होने की वजह से कई बार छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे छात्र चोटिल भी हो गये, ओर इसके बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रों की कक्षाएं खुले आसमान के नीची चलाना ही मुनासिब समझा।लेकिन बरसात के दिनों में बच्चों का ध्यान पढ़ाई में कम और छत से गिर रहे प्लास्टर पर ज्यादा रहता है।

logo
Soochna India

सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के अनुभवी पत्रकारों और लेखकों की पूरी टीम काम कर रही हैं, सूचना इंडिया के एडिटोरियल टीम के पास 15 वर्षों का गहन अनुभव है। राजनीति, सामाजिक मुद्दों, और अर्थव्यवस्था पर उनकी रिपोर्ट्स और लेखन शैली ने उन्हें मीडिया जगत में विशेष पहचान दिलाई है। सूचना इंडिया ने विगत 15 वर्षों में कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स का नेतृत्व किया है और पत्रकारिता में निष्पक्षता और नैतिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें एक विश्वसनीय आवाज बनाया है। उन्होंने अपने काम के लिए कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं और युवा पत्रकारों को मार्गदर्शन देने में भी सक्रिय हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Click to listen highlighted text!