नाली पर अवैध निर्माण से जलभराव, प्रशासन की लापरवाही उजागर

लखनऊ। राजधानी के पान दरीबा इलाके में गुडलक कोचिंग के पीछे स्थित मंदिर परिसर में हल्की बारिश के बाद ही जलभराव की समस्या सामने आई। क्षेत्र में नाली पर किए गए अवैध निर्माण के कारण पानी का निकास बाधित हो गया, जिससे सड़क और आसपास के इलाकों में पानी भर गया।
जलनिकासी बाधित, राहगीरों को परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, मामूली बारिश में ही सड़क और मंदिर परिसर के आसपास जलभराव हो गया। इससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में गंदगी और फिसलन की स्थिति भी बन गई।

मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जलभराव की सूचना के बावजूद मौके पर न तो कोई सुपरवाइजर पहुंचा और न ही सफाई कर्मचारी नजर आए। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने संभाली स्थिति
प्रशासन की अनुपस्थिति में क्षेत्र के लोगों ने खुद ही पहल करते हुए सड़क पर भरे पानी को निकालने का प्रयास किया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

स्थायी समाधान की मांग तेज
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि नाली पर हुए अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्या से निजात मिल सके।
जोन-2 के अधिशासी अभियंता झिल्लूराम ईद की तैयारियों में व्यस्त, पान दरीबा की समस्या नजर से दूर
पान दरीबा क्षेत्र में मामूली बारिश के बाद ही जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नाली पर अवैध निर्माण के कारण पानी का निकास बाधित रहा, जबकि मौके पर न तो कोई सफाई कर्मचारी पहुंचा और न ही जिम्मेदार अधिकारी नजर आए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी त्योहार की तैयारियों में व्यस्त हैं, जबकि क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं।
मनीष मिश्रा
राज्य संवाददाता,
सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।




