2024 की तैयारी में मोदी सरकार, योगी की इस चाल से जीत है पक्की!

आजादी के बाद से भारत खुद को सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार तत्पर है। आधुनिक तकनीक तथा अपने संसाधनों के संतुलित उपयोग के जरिये नई सम्भावनाओं को भी तराशा हैं। भारत की विदेश नीति ऐसी है जिसमें वैश्विक संतुलन कायम रखते हुए सभी देशों से बेहतर संबंध बनाने पर ज़ोर दिया जाता है। भारत ने अपनी डाइनैमिक विदेश नीति के तहत हाल ही में विश्व के कई देशों के साथ समझौतों और सहमति-पत्रों को मंज़ूरी दी है। ये समझौते वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और विस्तार देने का काम करेंगे।इसका जीता जगता सबूत है G-20 शिखर सम्मलेन की मेजबानी भारत के हाथ में आना। हाल ही में होने जा रहे इस शिखर सम्मलेन की तैयारी भारत में जोरों शोरों से चल रही है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को G20 समिट 2023 की मेजबानी करने का अवसर मिला है। लखनऊ के वृंदावन योजना क्षेत्र में चल रही तीन दिवसीय G20 समिट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। हर सड़क पर इसके पोस्टर बन कर लग गए है, सड़कें – दीवारें सब चमक उठी हैं। इस सम्मेलन के लिए राजधानी को खास दुल्हन की तरह सजाया गया है ।प्रमुख स्थानों और चौराहों पर जी-20 देशों के झंडे, होर्डिंग आदि लगाई गई है । प्रतिनिधिमंडल जहां-जहां से होकर गुजरेगा उन रास्तों को फूलों से विभिन्न आकृतियां बनाकर बड़ी ही सुंदरता के साथ सजाया गया है। क्यों सिर्फ किसी खास आयोजन में दिखावे के लिए सरकार करोड़ो रूपये रेनोवेशन के कार्य में खर्च कर रही है? या फिर 2024 की बीजेपी सरकार की कोई नई प्लानिंग।
डिजिटल इकॉनमी वर्किंग ग्रुप (Digital Economy working group) की बैठक के दौरान विभिन्न देशों के 143 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। जी20 समूह देशों के अलावा नौ आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हो रहे हैं। इसमें साइबर क्राइम (Cyber Crime), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Public Infrastructure) और डिजिटल शिक्षा पर अलग-अलग समूह के साथ सत्र रहेंगे। इसमें भारत के किए हुए कामों को जहां प्रदर्शित किया जाएगा, वहीं भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। इसने विश्व अर्थव्यवस्था का लगभग 85% कवर किया जो कि अर्थव्यवस्था में एक प्रतिशत है, इसने विश्व व्यापार का लगभग 75 प्रतिशत, और विश्व जनसंख्या का लगभग 66 प्रतिशत कवर किया।समिट में विभिन्न सत्र आयोजित होंगे जिसमें पहले सत्र की शुरुआत आज सुबह करीब 9:30 बजे से हुई। महामारी से निजात पूरी तरह से नहीं मिली इस कारण सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान का सबसे पहले कोविड-19 टेस्ट कराया गया। राजधानी लखनऊ में आयोजन के समय तीन प्राथमिकताओं पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें पहली डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Public Infrastructure) है यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि यूपीआई (UPI) के जरिए दुनिया के कुल डिजिटल लेनदेन के 45 फीसदी को भारत में किया है। सबसे अधिक यूपीआई ट्रांजेक्शन (UPI Transaction) भारत में होते हैं।
जी20 की अध्यक्षता 2022 में इंडोनेशिया को मिली थी। 2023 में भारत इसकी अध्यक्षता कर रहा है। बात करें G20 शिखर सम्मेलन 2023 की थीम की तो कार्यक्रम का आदर्श वाक्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम’, एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य है। यह भारत के प्रसिद्ध ध्येय वाक्यों में से एक है। लखनऊ में डीडब्ल्यूईजी (DWEG) की पहली बैठक हो रही है। लखनऊ के बाद अप्रैल में हैदराबाद, जून में पुणे में बैठक होनी है।सितंबर में मिनिस्टर स्तरीय मीटिंग अंतिम सहमति के लिए होगी।

G20 आयोजन के साथ ही एक डिजिटल प्रदर्शनी वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरिएंस (Virtual Reality Experience) सेंटर भी होटल सेंट्रम में आयोजित की गई है। तकनीकी सत्रों के साथ इस प्रदर्शनी में भी भारत के आधुनिकतम प्रोद्योगिकी जैसे वर्चुअल रियलिटी (Virtual Reality) और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) को प्रदर्शित किया जाएगा। जहां वर्चुअल रियलिटी से प्रदर्शनी से ही मेहमानों को इमामबाड़ा का दीदार कराने का कार्यक्रम है। वहीं आर्टिफिशियल जेंस को भी यहां अनुभव किया जा सकेगा। 5जी तकनीक से जुड़े एप्लीकेशन, डाटा साइंस, पीएम गतिशक्ति में बना जियोस्पेशियल को यहां प्रदर्शित किया जाएगा। मेहमान देशों में बांग्लादेश, मिश्र, मॉरिशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन, यूएई शामिल हैं. इसके अलावा इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन, विश्व बैंक, यूनेस्को और यूएनडीपी के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।




