4 मंजिल के ढांचे पर कथित तौर पर खड़ी की गई 7 मंजिला इमारत धंसी, दहशत में पूरा मोहल्ला

राजेश निगम की खास रिपोर् के चमनगंज में बड़ा हादसा*इमारत के धंसने से आसपास के मकानों और फर्श में भी आया धंसाव, पुलिस ने खाली कराया पूरा इलाकाकानपुर। चमनगंज थाना क्षेत्र के 105/352, प्लॉट नंबर-3, मठिया बाला हाता में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 7 मंजिला इमारत अचानक जमीन में धंस गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमारत का मूल ढांचा करीब 4 मंजिल का था, लेकिन कथित तौर पर अवैध तरीके से इसे बढ़ाकर 7 मंजिल तक तैयार किया गया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन की नींव मजबूत नहीं थी और निर्माण कार्य में कथित तौर पर जल्दबाजी एवं लापरवाही बरती गई। बारिश के बाद इमारत के अचानक धंसने से आसपास के मकानों और जमीन पर लगी फर्श में भी धंसाव हो गया। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया।पूरी रात दहशत में जागते रहे लोगघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने चमनगंज थाने को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस ने भवन को सीज कराने का आश्वासन दिया।किसी बड़े हादसे की आशंका के चलते स्थानीय लोगों ने पूरी रात जागकर गुजारी। लोगों का कहना है कि उन्हें डर था कि कहीं इमारत या आसपास के मकान और ज्यादा न धंस जाएं। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों में भारी चिंता रही।सुबह प्रशासन की टीम पहुंची, पूरा मोहल्ला कराया गया खालीसुबह प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित स्थान की जांच की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों एवं संबंधित टीम द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मोहल्ले को खाली करा दिया गया।प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कई परिवार अपने घरों से बाहर हो गए। अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि वे जाएं तो जाएं कहां?घर छूटा तो खाने-पीने और जरूरी सामान का भी संकटइलाका खाली कराए जाने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास फिलहाल न रहने के लिए सुरक्षित घर है, न खाने-पीने की उचित व्यवस्था और न ही जरूरी सामान की सुविधा।छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अचानक घर खाली कराने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का सवाल—गलती किसी और की, सजा हमें क्यों?पीड़ित परिवारों का कहना है कि यदि भवन निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ है या किसी की लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई है, तो उसकी सजा आसपास रहने वाले निर्दोष परिवार क्यों भुगतें?लोगों का कहना है—“हमने कोई गलती नहीं की, फिर भी हमारे घर छिन गए। हमारे छोटे बच्चे और बुजुर्ग कहां जाएंगे? हमारे रहने, खाने और जरूरी सामान की जिम्मेदारी कौन लेगा?”प्रशासन से पीड़ित परिवारों की गुहारप्रभावित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:🔴 सभी प्रभावित मकानों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।🔴 धंसी हुई इमारत और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच हो।🔴 यदि निर्माण में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।🔴 प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था दी जाए।🔴 परिवारों को भोजन, पानी, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया जाए।🔴 जब तक इलाके को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक प्रभावित लोगों के रहने की उचित व्यवस्था की जाए।फिलहाल पूरा इलाका दहशत में है और प्रभावित परिवार प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। लोगों की सबसे बड़ी मांग है कि पहले उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें तत्काल रहने व खाने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मण्डल ब्यूरो राजेश निगम की खास रिपोर्ट*




