करोड़ों के सफाई बजट के बावजूद जोन-6 में बदहाली, झाड़ियों और गंदगी से घिरा योग विहार-पिंक सिटी

नालियों में प्लास्टिक और सड़ांध, मच्छरों का बढ़ा खतरा; स्थानीय लोग बोले—सफाई व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे
लखनऊ। राजधानी में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। नगर निगम के जोन-6 के हैदरगंज तृतीय स्थित योग विहार कॉलोनी और राजाजीपुरम पिंक सिटी में गंदगी, झाड़ियां और जाम नालियां स्थानीय लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि महीनों से नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे इलाके में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
योग विहार कॉलोनी में झाड़ियों का कब्जा
हैदरगंज तृतीय की योग विहार कॉलोनी में कई जगह झाड़ियां उग आई हैं। गलियों और खाली स्थानों पर लंबे समय से सफाई न होने के कारण कूड़ा जमा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की टीमें यहां नियमित रूप से झाड़ू लगाने तक नहीं पहुंचतीं।

पिंक सिटी में महीनों से नहीं लगी झाड़ू
राजाजीपुरम की पिंक सिटी कॉलोनी में भी हालात बदतर हैं। लोगों के अनुसार यहां कई महीनों से नियमित झाड़ू नहीं लगी है। सड़कों और गलियों में जमा धूल-मिट्टी और कूड़े के कारण इलाके का माहौल गंदगी से भरा हुआ है।

मोहन मार्ग की नालियों में बह रही गंदगी
मोहन मार्ग की नालियों में प्लास्टिक और कचरा जमा होने से गंदा पानी बह रहा है। नालियों की सफाई के दौरान जो गाद और कूड़ा निकाला गया, उसे हफ्तों से किनारे पर ही छोड़ दिया गया है। सफाई कर्मियों द्वारा उसे उठाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
डिप्टी खेड़ा में प्लॉट बने डंपिंग प्वाइंट
वार्ड के डिप्टी खेड़ा इलाके में खाली प्लॉटों को कूड़ा फेंकने का अड्डा बना दिया गया है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां लगातार कूड़ा फेंका जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।

अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जोन-6 के जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जोनल सेनेटरी ऑफिसर (ZSO) जोन की सफाई व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सफाई इंस्पेक्टर आर.सी. यादव लंबे समय से जोन में तैनात हैं और उनकी पकड़ इतनी मजबूत बताई जाती है कि नए अधिकारी भी प्रभावी कार्रवाई करने से बचते हैं। आरोप है कि कार्यकारी संस्था के साथ पुराने संबंधों के कारण व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा।

करोड़ों का बजट, फिर भी हाल बेहाल
नगर निगम हर साल सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।

लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नियमित सफाई, नालियों की समय पर सफाई और कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कॉलोनियों को गंदगी से राहत मिल सके।
“स्थानीय लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल की टीम बुधवार को जोन-6 के कल्याण सिंह वार्ड पहुंचकर मौके की स्थिति का जायजा लेगी और जमीनी हकीकत सामने लाएगी।”
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।



