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मछली फाटक कॉलोनी में 80 घर पानी को तरसे, नलों से आ रहा गंदा-बदबूदार पानी

पार्षद लगातार मिनी ट्यूबवेल लगाने की कर रहे मांग, जलकल की सुस्ती पर सवाल; क्षेत्र में दो-दो जेई की जिम्मेदारी फिर भी समस्या जस की तस

लखनऊ।आचार्य नरेंद्र देव वार्ड की मछली फाटक कॉलोनी में करीब 70 से 80 परिवार गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले लंबे समय से पानी की आपूर्ति ठीक नहीं है। चौपटिया क्षेत्र में भी करीब 15 दिनों से लोग पानी के लिए परेशान हैं। मंगलवार को कुछ देर आपूर्ति हुई तो कई घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंचने की शिकायत सामने आई।

🔴 गंदे पानी की शिकायत, लोग परेशान

नारायण लस्सी के प्रोपराइटर राजकिशोर गुप्ता ने भी गंदे पानी की शिकायत की है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि स्थिति ऐसी है कि पानी आने पर भी उसे पीने और घरेलू उपयोग में लेने से पहले सोचना पड़ रहा है।

🔴 पार्षद बोले—मिनी ट्यूबवेल जरूरी

पार्षद मनीष रस्तोगी का कहना है कि वह मछली फाटक कॉलोनी में मिनी ट्यूबवेल लगाने की मांग कई बार जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह के सामने रख चुके हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र की आबादी और लगातार बने जल संकट को देखते हुए यहां मिनी ट्यूबवेल लगाया जाना बेहद जरूरी है, लेकिन अब तक जलकल की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

🔴 दो-दो जेई, फिर भी राहत नहीं

क्षेत्र में अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सत्संगी की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। कागजों में गया प्रसाद जूनियर इंजीनियर बताए जाते हैं, जबकि कुलदीप कुमार भी क्षेत्र का काम देखते बताए जा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब एक ही क्षेत्र में दो-दो अभियंता सक्रिय हैं, तो फिर 70 से 80 घरों को साफ पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है?

मनीष मिश्रा

राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।

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