स्वर्णकार समाज की पांच सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, सितंबर में विधानसभा घेराव की चेतावनी

वाराणसी में स्वर्णकार समाज एवं सर्राफा कारोबारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की जिला इकाई वाराणसी ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पांच सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह को सौंपा। संघ पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो सितंबर माह में स्वर्णकार समाज के लोग लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे।

ज्ञापन में स्वर्णकार समाज के पारंपरिक कारोबार और कारीगरों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश और पंजाब की तर्ज पर स्वर्ण कला बोर्ड का गठन किए जाने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना था कि स्वर्ण कला बोर्ड के गठन से स्वर्णकार कारीगरों, छोटे कारोबारियों तथा इस पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का संरक्षण किया जा सकेगा। साथ ही कारीगरों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनके कारोबार को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
संघ ने स्वर्णकारों एवं सर्राफा कारोबारियों के लिए साहूकारी लाइसेंस की व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि सर्राफा कारोबार में बड़ी धनराशि के साथ सोने-चांदी के आभूषणों का लेनदेन होता है। ऐसे में कारोबारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पात्र सर्राफा व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने में प्राथमिकता दिए जाने की मांग भी शासन के समक्ष रखी गई।

कारीगरों को धातु उपलब्ध कराने की मांग
स्वर्णकार संघ ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अथवा अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र स्वर्णकार कारीगरों को नकद ऋण देने के बजाय उनकी आवश्यकता के अनुसार स्वर्ण एवं रजत धातु उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग की। संघ के अनुसार, कारीगरों को कारोबार के लिए सीधे कच्चा माल उपलब्ध होने से उन्हें अपना पारंपरिक व्यवसाय संचालित करने में सुविधा होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
लूट और हत्या की घटनाओं पर रोक की मांग

ज्ञापन में स्वर्णकारों और सर्राफा कारोबारियों के साथ होने वाली लूट, चोरी, डकैती, उचक्कागिरी और हत्या की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई। संघ ने कारोबारियों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था किए जाने, घटनाओं की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने तथा पीड़ित व्यापारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही ऐसे मामलों में शीघ्र न्याय दिलाने की भी मांग उठाई गई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि स्वर्णकार समाज लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करता रहा है। समाज की मांगों पर यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सितंबर माह में लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ, अमित सोनी (मिंटू), प्रदीप सोनी (राजू सेठ), जितेंद्र सेठ (मीरापुर बसही), राहुल सेठ, निरंजन सोनी (मुन्ना), संतोष सेठ (सरैया), विजय सेठ, शुभम सेठ (गोलू), संजय सेठ (नवापुरा), सुनील सेठ (लहरतारा), राजू सेठ, संदीप सेठ, अनूप सेठ, पंचम सेठ, अनूप सहित स्वर्णकार समाज के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।


