उन्नाव:- ऑटो चलाते पकड़ा गया, फर्जी आधार कार्ड बरामद, पुलिस कर रही जांच!!

उन्नाव से जिला संवाददाता अनुज तिवारी
कानपुर की कोतवाली पुलिस ने मंगलवार रात गश्त के दौरान एक संदिग्ध ऑटो चालक को बड़ा चौराहा से हिरासत में लिया। पूछताछ में युवक की पहचान मो. साहिल, निवासी म्यांमार के साइडुय मंगडो (आईकब) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, युवक के पास कोई वैध भारतीय पहचान पत्र नहीं मिला, जबकि तलाशी में फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। शुक्लागंज में झुग्गी डालकर रह रहा था पूरा परिवार मो. साहिल अपने परिवार के साथ उन्नाव के शुक्लागंज, मनोहर नगर (पानी टंकी के पास) पिछले कई सालों से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहा था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने युवक की पत्नी, बहन, बहनोई, बीमार पिता और चार बच्चों समेत कुल 10 लोगों से पूछताछ की है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि युवक की गतिविधियां संदिग्ध थीं, और उसके पास वैध दस्तावेज़ों की अनुपस्थिति के चलते जांच को आगे बढ़ाया गया है।
इलाज के लिए आए थे भारत युवक की पत्नी अजीदा के अनुसार, उनके ससुर को 11 साल पहले पक्षाघात (फालिस) हुआ था। उनका इलाज कराने के लिए वे आठ साल पहले म्यांमार से भारत आए थे। परिवार में चार भाई, एक बहन और बहनोई भी शामिल हैं। पुलिस ने परिवार के पास से कागजात, एक मोबाइल फोन व पड़ोसी का एक और फोन भी जब्त किया है। क्या कहती है पुलिस? पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मो. साहिल और उसके परिजन किस प्रक्रिया से भारत में दाखिल हुए, और फर्जी दस्तावेज़ किसने बनवाए। राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल विदेशी नागरिकों का इस तरह बिना वैध दस्तावेज़ों के पास शहर में रहना और वाहन चलाना सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। यह मामला प्रवासन कानून, राष्ट्रीय सुरक्षा और फर्जी दस्तावेज़ निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करता है। जांच जारी है और पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस परिवार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या शरणार्थी गिरोह सक्रिय है।



