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उन्नाव:- नगर में धूमधाम से निकाली गई रामनवमी शोभा यात्रा।।

उन्नाव से अनुज तिवारी की रिर्पोट…

रामनवमी के शुभ अवसर पर आज नगर में भव्य रामनवमी शोभायात्रा निकाली गई जो नगर के मुख्य मार्गों पर भ्रमण कर रही है श्री रामनवमी शोभा यात्रा के पावन पर्व पर भारतीय जनता पार्टी सदस्य अवध क्षेत्र एवं पूर्व कोषाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग पुनीत कुमार गुप्ता ने भी आए हुए भक्तों के लिए फलाहार प्रसाद वितरण किया तथा भारतीय जनता पार्टी उन्नाव के जिला मंत्री राम जी गुप्ता द्वारा आए हुए सभी स्थानों को प्रसाद वितरण किया गया राम नवमीं भगवान राम के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है।

भगवान राम को आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है। पौराणिक कथाओं और कहानियों को खंगाले तो आपको यही सीख मिलती है कि एक पुरुष का चरित्र भगवान राम की तरह होना चाहिए। यही वजह है कि भारतवर्ष में भगवान राम के अनुगामी बहुत है।राम नवमी एक ऐसा हिन्दू त्यौहार है जिसमें पूरे भारतवर्ष में भगवान राम का जन्मदिन हर्शोल्लाश के साथ मनाया जाता है।

इस दिन देश में हिन्दू धर्म के अनुयायियों के इस अवसर को काफी धूमधाम से मनाते हैं। कहा जाता है की राम नवमी के दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था।यही कारण है की हर वर्ष इसी दिन हिन्दू धर्म के अनुयायी भगवान राम के जन्मदिवस को राम नवमी के तौर पर धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन बहुत से लोग अपना आस्था प्रकट करने के लिए भगवान राम के लिये व्रत रखते हैं और साथ में भगवान राम का स्मरण भी करते हैं।

चूँकि यह पर्व भगवान राम से जुड़ा हुआ हैं इसीलिए हिन्दू धर्म के लोगों के लिए यह दिन काफी शुभ होता है।राम नवमी के दिन ही चैत्र की नवरात्रि का समापन होता है। इस दिन बहुत से हिन्दू लोग अयोध्या जाकर सरयू नदी में स्नान करते हैं। इस दिन बहुत से जगहों में व्रत भी रखे जाते हैं और हवन कराये जाते हैं। ऐंसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से उपासक की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

रामनवमी एक हिंदू त्योहार है, जो हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। यह दिन भगवान राम के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है। रामनवमी को हिंदू धर्म के उत्सवों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है।वहीं, महानवमी एक और हिंदू त्योहार है, जो शारदीय नवरात्रों में आता है। महानवमी श्रद्धा और पूजन का दिन होता है जो नवरात्रि के नौ दिनों के अंत में पड़ता है।

इस दिन मां दुर्गा की आराधना की जाती है।इस प्रकार, रामनवमी और महानवमी दोनों अलग-अलग त्योहार हैं, जिन्हें अलग-अलग अवसरों पर मनाया जाता है। रामनवमी भगवान राम के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है, जबकि महानवमी नवरात्रि के नौ दिनों के अंत में मनाया जाता है और मां दुर्गा की पूजा के लिए अर्पित होता है। दोनों त्योहारों में भक्तों द्वारा धर्मिक पूजा-अर्चना की जाती है और विभिन्न रामायण श्लोकों के पाठ किए जाते हैं।

संक्षेप में कहें तो, रामनवमी और महानवमी दोनों ही बड़े हिंदू त्योहार होते हैं, लेकिन दोनों में अंतर होता है। रामनवमी भगवान राम के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है जबकि महानवमी नवरात्रि के नौ दिनों के अंत में मनाया जाता है और मां दुर्गा की पूजा के लिए अर्पित होता है।आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की, हर वर्ष राम नवमी का त्यौहार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को प्रभु श्री रामचंद्र जी ने जन्म लिया था। प्रभु श्री रामचंद्र जी के इस धरा पर अवतार लेने के कारण इस दिन हम सब अत्यंत ही हर्ष और उल्लास के साथ राम नवमी का उत्सव मनाते हैं।महाकाव्य के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन पत्नियां थी और तीनों ने राजा को संतान सुख नही दे पाया जिससे राजा काफी चिंतित थे। राजा को संतान प्राप्ति के लिए महर्षि वशिष्ठ ने कमेष्टि यज्ञ कराने को कहा।

उनकी बातें मानकर राजा दशरथ ने महर्षि ऋषि श्रंगी से कमेष्टि यज्ञ कराया।यज्ञ समापन के पश्चात महर्षि ने राजा दशरथ की तीनों रानियों को खीर ग्रहण करवाया। इसके ठीक 9 महीने पश्चात सबसे बड़ी रानी कौशल्या ने भगवान राम को, कैकयी ने भारत को और सुमित्रा ने दो जुड़वा बच्चे लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान राम कृष्ण जी के सातवे अवतार थे। भगवान श्री राम का अवतरण पृथ्वी से दुष्टों का संहार कर नए धर्म की स्थापना करने के लिए हुआ था।

रामनवमी के व्रत को इसीलिए महत्व दिया गया है क्योंकि मान्यता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति सच्चे मन से भगवान राम का स्मरण कर व्रत रखता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.इस दिन अयोध्यावासी और बाहरी लोग भी अयोध्या आकर सरयू नदी में स्नान करते हैं क्योंकि मान्यता है कि ऐंसा करने से भगवान राम सारे पाप हर लेते हैं और गलतियां माफ कर देते हैं।

रामनवमी चैत्र की नवरात्रि के नवे दिन पूरे भारत मे हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है।रामनवमी की महिमा बहुत ही खास है क्योंकि यह पर्व भगवान राम से जुड़ा हुआ है। हिन्दू धर्म के बहुत से लोग आज भी नमस्कार के रूप में राम-राम कहते हैं और कोई विपत्ति, भय या संकट होने पर हे राम! कहते हैं।

इस रामनवमी शोभायात्रा में तहसीलदार बांगरमऊ दिलीप कुमार पवन थाना प्रभारी बांगरमऊ भारी पुलिस बल के साथ इस रामनवमी शोभायात्रा की सुरक्षा के कमान संभाल ले रहे।।

Anuj Tiwari

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