यूपी के खाद्य उत्पादों को मिल रही ग्लोबल पहचान, अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ रहे उद्यमी

इंटरनेशनल ट्रेड शो में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के 50 स्टॉल पर उमड़ी भीड़, श्रीअन्न, शहद, गुड़ और आम के गूदे की विदेशी बाजारों में बढ़ी मांग
उत्तर प्रदेश के कृषि और बागवानी उत्पाद अब प्रसंस्करण के जरिए देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की तस्वीर देखने को मिल रही है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल पर उद्यमियों और खरीदारों की भीड़ जुट रही है। यहां प्रदर्शित उत्पादों के माध्यम से प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्यमियों को विदेशी बाजारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्कृत उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उनके अनुसार इंटरनेशनल ट्रेड शो युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने से किसानों और उद्यमियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
50 स्टॉल पर दिखी प्रदेश के खाद्य उद्योग की तस्वीर
उत्तर प्रदेश मंडप में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 (यूपीएफपीपी-2023) से लाभान्वित उद्यमियों के करीब 50 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के उद्यमियों, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृषक उत्पादक कंपनियों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
स्टॉल पर श्रीअन्न आधारित उत्पाद, आम का गूदा, शहद, गुड़ और गुड़ से बने उत्पाद, बेकरी सामग्री सहित विभिन्न मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विभाग के अनुसार ट्रेड शो के जरिए इन उत्पादों को संभावित खरीदारों और व्यापारिक संस्थाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कई देशों की कंपनियों से हुए व्यापारिक समझौते
ट्रेड शो के दौरान प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों की विभिन्न देशों की व्यापारिक संस्थाओं के साथ बैठकें हो रही हैं। कई उद्यमियों ने विदेशी कंपनियों के साथ व्यापारिक समझौते और समझौता ज्ञापन किए हैं।
विभाग के अनुसार मेरठ की किसान मल्टीपर्पज प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने एस्टोनिया की एवीटेरा (AVETERA) के साथ गुड़ और चीनी उत्पादों के संबंध में व्यापारिक समझौता किया है। कंपनी की जापान के साथ बेकरी और गुड़ उत्पादों को लेकर भी व्यापारिक सहभागिता प्रस्तावित है।
बिजनौर के भगवती गुड़ उद्योग ने ताइवान की इंडिया शॉप के साथ करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर का व्यापारिक समझौता किया है। लखनऊ की जैक्रिकेशन एलएलपी ने ऑस्ट्रेलिया की हरिओम फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 5,000 अमेरिकी डॉलर का व्यापारिक समझौता किया है।
गाजियाबाद की बेसिक आयुर्वेदा लिमिटेड ने यूरोप की केपीएम ग्रुप के साथ करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर का व्यापारिक समझौता किया है। मेरठ की अनुभी एंटरप्राइजेज ने वियतनाम की ए. तुआन खान्ह ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के साथ व्यापारिक समझौता किया है। वहीं गोरखपुर की अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स ने क्यूबा के सांता क्लारा स्थित एक व्यापारिक संस्थान के साथ समझौता किया है।
श्रीअन्न और शहद के लिए खुल रहे विदेशी बाजार
कोमलिका एफपीसी की ओर से रोमानिया और वियतनाम के साथ श्रीअन्न आधारित उत्पादों को लेकर समझौता ज्ञापन किया गया है। अनुभी एंटरप्राइजेज ने वियतनाम के साथ तथा अमृत एग्रो ने शहद के निर्यात को लेकर भी व्यापारिक समझौते किए हैं।
इन समझौतों के जरिए प्रदेश के श्रीअन्न, शहद, आम के गूदे, गुड़ और अन्य मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के लिए विदेशी बाजार में नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
एफआईईओ डेस्क पर आम के गूदे की मांग
इंटरनेशनल ट्रेड शो में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के डेस्क पर बीएमएस एफपीओ के आम के गूदे की मांग सामने आई है। विभाग के अनुसार यह प्रदेश के आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।
बी2बी बैठकों से निर्यात की संभावनाएं बढ़ीं
ट्रेड शो में पीएमएफएमई और यूपीएफपीपी-2023 के तहत लाभान्वित उद्यमियों को विदेशी खरीदारों, आयातकों, वितरकों और व्यापारिक संस्थाओं से जोड़ने के लिए व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) बैठकें और क्रेता-विक्रेता संवाद आयोजित किए जा रहे हैं।
इन बैठकों में उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार, संभावित खरीदार और निर्यात के अवसर तलाशने का सीधा मंच मिल रहा है। विभाग का कहना है कि इससे प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बीएल मीणा ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों की सहभागिता और विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापारिक समझौते खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों, कृषक उत्पादक कंपनियों, स्वयं सहायता समूहों और खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के लिए मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार, निर्यात और व्यापार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।




