पुरुष ठेकेदारों की ‘आरामगाह’ बनी महिला पार्षद कक्ष, महापौर ने लगाई कड़ी फटकार!
Strict Action by Mayor Over Male Contractors in Women's Councillor Room | Women’s Safety Ensured

लखनऊ: मंगलवार को लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में एक बड़ी घटना देखने को मिली जब महापौर सुषमा खर्कवाल ने महिला पार्षद कक्ष का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महापौर को यह देखकर हैरानी हुई कि जिस कक्ष को विशेष रूप से महिला पार्षदों की सुविधा के लिए तैयार किया गया था, उसमें पुरुष ठेकेदार आराम फरमा रहे थे। इस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई और ठेकेदारों को तुरंत कक्ष खाली करने के निर्देश दिए।
महिला कक्ष का उद्देश्य और पुरुषों की मौजूदगी पर सवाल
महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्पष्ट किया कि यह कमरा महिलाओं की सुविधा के लिए बनाया गया था, ताकि वे नगर निगम में आराम से अपने काम कर सकें और बैठकों का आयोजन कर सकें। उन्होंने कहा, “यह कमरा महिलाओं के लिए विशेष रूप से आरक्षित है, और पुरुष ठेकेदारों की यहां मौजूदगी एक गंभीर लापरवाही है।”
महापौर की कड़ी चेतावनी: कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं
महापौर ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वहां मौजूद कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा सामने आई, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिला पार्षद कक्ष में पुरुष ठेकेदारों की मौजूदगी पर महापौर ने कक्ष की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए और संबंधित कर्मचारी को फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई तो दोषी कर्मचारी को तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा।
लखनऊ नगर निगम में हड़कंप
महापौर की इस सख्ती के बाद नगर निगम मुख्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे महिला कर्मचारियों और पार्षदों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों पर जोर
महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस घटना को महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा के सवाल के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि लखनऊ नगर निगम को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, और इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के महत्व पर ध्यान खींचा है। महापौर की सख्ती और तत्परता से यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुविधाओं के लिए नगर निगम गंभीर है। आगे की कार्यवाही में और कड़े कदम उठाए जाने की संभावना है।




