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विवेकानंद वार्ड में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, आग के अगले दिन भी सड़क पर पसरी गंदगी

लखनऊ। नगर निगम जोन-3 के विवेकानंद वार्ड में कूड़े के ढेर में आग लगने की घटना के अगले ही दिन सफाई व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई। जिस रोड पर बीते दिन कूड़े में आग लगी थी, वहां आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

सड़क पर बिखरा कूड़ा, नहीं लगी झाड़ू

विवेकानंद पुरी रोड पर जगह-जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है और कहीं भी झाड़ू नहीं लगाई गई है। गंदगी का अंबार साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के दावे, जमीनी हकीकत उलट

स्थानीय लोगों का कहना है कि लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड, जोनल सेनेटरी अफसर (ZSO) और सफाई निरीक्षक (SFI) द्वारा मौके का निरीक्षण करने का दावा किया गया, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। क्षेत्र में न तो सफाई कराई गई और न ही कूड़ा उठाया गया।

अस्पताल के पीछे गंदगी से बिगड़ती छवि

इसी इलाके में स्थित विवेकानंद हॉस्पिटल में प्रदेशभर से लोग इलाज कराने आते हैं, लेकिन अस्पताल के पीछे की बदहाल स्थिति शहर की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मरीजों और उनके परिजनों को गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ रहा है।

नगर निगम की उदासीनता उजागर

एक दिन पहले बड़ी घटना होने के बावजूद भी संबंधित अधिकारियों ने स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की। सफाई व्यवस्था को लेकर सख्ती के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।

जिम्मेदारों पर उठते सवाल
विवेकानंद वार्ड का यह मामला साफ संकेत दे रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं, जबकि क्षेत्र में गंदगी और अव्यवस्था लगातार लोगों के लिए परेशानी और स्वास्थ्य संकट का कारण बन रही है।

मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।

Mishra Manish

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