पंडितखेड़ा विकास बैठक: अधूरे नाले, सड़कों और स्ट्रीटलाइट की मांग, जल्द आंदोलन की तैयारी
पंडितखेड़ा विकास बैठक: अधूरे नाले, अंधेरा और आंदोलन की तैयारी
लखनऊ। दिनाँक 29 जून, रविवार को पंडितखेड़ा समग्र विकास समिति एवं पंडितखेड़ा व्यापार मंडल की एक अहम बैठक सौभाग्य मैरिज हाल में हुई, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय विकास की कमी पर तीखी आपत्ति व्यक्त की।
बैठक में उठाए गए मुख्य मुद्दे:
- पंडितखेड़ा में अधूरे नाले की समस्या — बारिश के बाद जलभराव से घरों तथा सड़कों को क्षति पहुँचने की आशंका।
- कालोनियों की सड़कों और नालियों की मरम्मत और सफाई की मांग — शामिल है टूटी-फूटी सड़कें और बिगड़ी ड्रेनेज।
- मुख्य मार्गों पर स्ट्रीटलाइट का अभाव — अंधेरे में सुरक्षा की समस्या को देखते हुए इसकी तत्काल आवश्यकता।
- विजय नगर चौकी के पास सब्जी मंडी का स्थानांतरण — भीड़, गंदगी एवं ट्रैफिक जाम की समस्या दूर करने हेतु एसएचओ कृष्णानगर को ज्ञापन सौंपा गया।


बैठक की अध्यक्षता कर रहे विनीत मिश्रा, अमित सिंह, अनिल मिश्रा, एस.एन. तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, विपिन विश्वकर्मा, और अरुण दूबे सहित कई अन्य मार्गदर्शकों व स्थानीय नागरिकों ने विस्तृत चर्चा की।
बैठक की खास पहल — स्थानीय सहयोगी शिवी पैथोलॉजी द्वारा क्षेत्र में फैली अंधकार समस्या का आंशिक समाधान करते हुए 18 स्ट्रीटलाइट का वितरण किया गया, ताकि कम से कम कुछ मार्गों पर रोशनी सुनिश्चित हो सके।

पिछली मीडिया रिपोर्ट्स ने भी उठाई कई समस्याएँ
पिछले एक महीने में Instagram Reels और पेज पोस्ट्स के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने बार-बार अधूरे कार्यों, पुल–ओवरब्रिज ट्रैफिक जाम, और सड़क मरम्मत की मांग उठाई है:
- एक Instagram Reel में दिखा कि केसरीखेड़ा क्रॉसिंग पर घंटों लॉन्ग जाम की समस्या बनी हुई है ।
- पंडितखेड़ा समग्र विकास समिति के Instagram Reel में आज की बैठक की झलक साझा की गई, जिसमें अधूरे निर्माण व स्ट्रीटलाइट को लेकर चिंताएँ दिख रही हैं।
क्या अब होगा आंदोलन?
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि अगले 15 दिनों में क्षेत्रीय स्तर पर नाले, सड़कों, प्रकाश और पुल चौराहों वाली समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो बृहद आंदोलन उठाने की योजना बनाई जाएगी।
पंडितखेड़ा की यह बैठक दिखाती है कि स्थानीय नागरिक मिलकर विकास की आवाज़ उठा रहे हैं, और अब सरकार एवं संबंधित विभागों का कर्तव्य बनता है कि निर्णय अनुसार कार्य शुरू करें। अगर अधूरे काम और अंधेरा बना रहा, तो आंदोलन अवश्य होगा।



