हरिहरनगर में एक सड़क के दो टेंडर, 6.68 लाख बनाम 9.33 लाख का मामला

लखनऊ। इस्माइलगंज वार्ड प्रथम के हरिहरनगर में सड़क निर्माण को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। एक ही सड़क के निर्माण के लिए दो अलग-अलग विभागों से टेंडर जारी कर दिए गए। मामला उजागर होने के बाद नगर निगम ने अपने स्तर से जारी टेंडर को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एमएलसी निधि से पहले ही हो चुका था टेंडर
जानकारी के अनुसार एमएलसी मुकेश शर्मा की विकास निधि से हरिहरनगर में हरीश सिंह के मकान डी-171 से 166 राय साहब के मकान तक इंटरलॉकिंग टाइल्स और नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित था। यह कार्य यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से कराया जाना था।
इसकी स्वीकृत लागत 6.68 लाख रुपये निर्धारित की गई थी और कार्य प्रारंभ करने का आदेश भी संबंधित अधिकारियों द्वारा फरवरी में जारी कर दिया गया था। नालियों को तोड़ने का कार्य भी शुरू हो चुका था।
नगर निगम ने भी जारी कर दिया अलग टेंडर
इसी बीच नगर निगम जोन सात की ओर से उसी सड़क के लिए अलग से टेंडर जारी कर दिया गया। मंगलवार को यह टेंडर खोला भी गया। नगर निगम द्वारा इसी कार्य को 9.33 लाख रुपये की लागत से कराने की तैयारी थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि मामला पकड़ में न आता तो एक ही सड़क के लिए दो बार भुगतान की स्थिति बन सकती थी।

मकान नंबर बदलकर कराया गया टेंडर: आरोप
एमएलसी कोटे से कार्य लाने वाले भाजपा नेता कृष्णवीर सिंह का कहना है कि सड़क वही है, केवल मकान नंबर में मामूली बदलाव कर नगर निगम से दूसरा टेंडर करा दिया गया। उनके अनुसार यह बजट हड़पने की साजिश प्रतीत होती है।
पार्षद बोले – सूचना देना आवश्यक था
वार्ड के पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि एमएलसी कोटे से जिन कार्यों की स्वीकृति मिलती है, उसकी सूचना नगर निगम को दी जानी चाहिए। इससे विभाग को जानकारी रहती और इस प्रकार की दोहरी स्वीकृति की स्थिति नहीं बनती।
नगर अभियंता की सफाई
नगर निगम जोन सात के नगर अभियंता संजय पांडेय ने कहा कि जानकारी के अभाव में एक ही सड़क के दो टेंडर जारी हो गए। निगम द्वारा जारी टेंडर को निरस्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रक्रियागत त्रुटि बताया।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि जोन सात में यह दूसरा मामला है। कुछ दिन पहले इस्माइलगंज द्वितीय के कमता क्षेत्र में भी एक ही सड़क के दो टेंडर जारी होने का मामला सामने आया था। उस समय भी एक टेंडर तत्काल निरस्त किया गया था।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से जोन सात में सड़क निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी न की जाए तो सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।



