जनगणना में कोई मकान और परिवार न छूटे : डीएम,

प्रशिक्षण और फील्ड कार्य की प्रभावी निगरानी के निर्देश, 16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना।
एटा। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कार्मिकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, फील्ड कार्य और अन्य तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और विकास संबंधी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी पारदर्शिता, गंभीरता और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई क्षेत्र, परिवार अथवा मकान गणना से छूटना नहीं चाहिए और आंकड़े पूरी तरह सटीक एवं विश्वसनीय होने चाहिए।
उन्होंने जनगणना कर्मियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने तथा उन्हें फील्ड में आने वाली संभावित परिस्थितियों की जानकारी देने के निर्देश दिए। जनगणना के महत्व को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को भी कहा, ताकि आमजन गणना कर्मियों को आवश्यक सहयोग देकर सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
बैठक में बताया गया कि द्वितीय चरण में स्वगणना 16 से 30 नवंबर 2026, जनसंख्या गणना एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तथा रिवीजनल राउंड पांच से नौ जनवरी 2027 तक निर्धारित है। डीएम ने सभी तैयारियां निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए।
जिले में 68 फील्ड ट्रेनर चयनित किए गए हैं। इनके दो प्रशिक्षण बैच सात से नौ अक्टूबर तथा 14 से 16 अक्टूबर तक कलेक्ट्रेट सभागार में प्रस्तावित हैं। इसके बाद प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तहसील स्तर पर अक्टूबर-नवंबर में प्रशिक्षण कराया जाएगा।
डीएम ने कहा कि जनगणना में 40 से अधिक बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जानी है। इसलिए सभी कार्मिकों को प्रत्येक बिंदु और उसकी प्रक्रिया का गहन प्रशिक्षण दिया जाए। प्रथम चरण में जिन प्रगणकों और कार्मिकों ने जिस ब्लॉक या क्षेत्र में कार्य किया है, संभव हो तो उन्हें द्वितीय चरण में भी उसी क्षेत्र में जिम्मेदारी देने का प्रयास किया जाए।
बैठक में प्रथम चरण में बनाए गए 850 से अधिक आबादी वाले एचएलबी के विभाजन और चार्ज स्तर पर उनके सत्यापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए शत-प्रतिशत कवरेज, पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व चंद्र प्रकाश पाठक, सीडीओ राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार, बीएसए, बीडीओ, बीईओ, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।





