Homeopathy Research Institute Lucknow का प्रथम स्थापना दिवस और वैज्ञानिक संगोष्ठी आयोजित
Homeopathy Research Institute Lucknow Celebrates First Anniversary with Scientific Symposium
केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, लखनऊ ने मनाया पहला स्थापना दिवस
लखनऊ: केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान (Homeopathy Research Institute Lucknow) ने 9 जनवरी 2025 को अपने पहले स्थापना दिवस के अवसर पर एक दिवसीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह आयोजन संस्थान के परिसर में किया गया, जिसमें होम्योपैथी के क्षेत्र में हो रहे Evidence-Based Research in Gynecology और अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने किया। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से रोगों के निदान और Good Clinical Practices in Homeopathy की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने और नई दिशाओं में कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।
डॉ. सैमुअल हैनीमैन को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन को श्रद्धांजलि अर्पित करके हुई। इसके बाद डॉ. सुनील एस. रामटेक, उपमहानिदेशक, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने स्वागत भाषण दिया।
इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे:
- श्री महेंद्र कुमार, मिशन निदेशक, आयुष, उत्तर प्रदेश।
- डॉ. गिरीश गुप्ता, होम्योपैथी विशेषज्ञ।
- डॉ. आलोक धवन, निदेशक, सेंटर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च।
- डॉ. राजेंद्र सिंह राजपूत, प्राचार्य, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर।
- डॉ. शैलेन्द्र कुमार सक्सेना, प्रोफेसर एवं हेड, सेंटर ऑफ एडवांस रिसर्च, के.जी.एम.यू., लखनऊ।
- डॉ. विजय कुमार पुष्कर, प्राचार्य, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ।
इनके अलावा, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के एम.डी. छात्रों ने भी संगोष्ठी में हिस्सा लिया।
विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा
संगोष्ठी में कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए:
- डॉ. गिरीश गुप्ता ने Evidence-Based Research in Gynecology पर चर्चा की।
- डॉ. राजेंद्र सिंह राजपूत ने Good Clinical Practices in Homeopathy पर व्याख्यान दिया।
- डॉ. शैलेन्द्र कुमार सक्सेना ने Research Methodology पर अपनी बात रखी।
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संस्थान की प्रगति पर प्रकाश
कार्यक्रम के अंत में संस्थान की प्रभारी अधिकारी डॉ. लिपिपुष्पा देवता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों और होम्योपैथी के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को होम्योपैथी के महत्व और रिसर्च के प्रति प्रेरित किया।
केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान (Homeopathy Research Institute Lucknow) इस प्रकार न केवल होम्योपैथी को वैज्ञानिक आधार पर मजबूत कर रहा है, बल्कि इसे आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।


