इंदिरा नगर क्षेत्र में कई वार्डों से शिकायतें, नियमित कूड़ा उठान न होने पर बढ़ी नाराजगी
📍 लखनऊ। लखनऊ नगर निगम की डोर टू डोर कूड़ा उठान व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नगर निगम के जोन-7 क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी को खुद नगर आयुक्त को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने की मांग करनी पड़ी।
🟥 इंदिरा नगर महासमिति की शिकायत पर भेजा गया पत्र सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी द्वारा 6 मई 2026 को नगर आयुक्त को भेजे गए पत्र में इंदिरा नगर आवासीय महासमिति के महासचिव सुशील कुमार बच्चा की शिकायत का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि इंदिरा नगर क्षेत्र के वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा उठान नियमित रूप से नहीं हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
🟥 नगर निगम की व्यवस्था पर बड़ा सवाल जिस शहर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों, वहां सांसद प्रतिनिधि को नगर आयुक्त को पत्र लिखना पड़े, यह अपने आप में नगर निगम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। खासकर जोन-7 में डोर टू डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
🟥 LSA और निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल डोर टू डोर कूड़ा उठान का जिम्मा निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित हो रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतें यह संकेत दे रही हैं कि जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग कमजोर है। कई क्षेत्रों में समय से गाड़ियां नहीं पहुंचने, घंटों कूड़ा पड़े रहने और सफाई कर्मचारियों की अनियमितता को लेकर स्थानीय लोग पहले भी नाराजगी जता चुके हैं।
🟥 “नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए” पत्र में नगर आयुक्त से अनुरोध किया गया है कि क्षेत्रीय लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित कराया जाए। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस शिकायत पर कितना गंभीर एक्शन लेता है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।