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Electricity Bill Fraud in Lucknow: फर्जी बिजली बिल घोटाले का शिकार हुआ विकलांग परिवार

Electricity Bill Fraud in Lucknow: Disabled Family Victimized in Fake Electricity Bill Scam

लखनऊ में Electricity Bill Fraud: गरीब उपभोक्ताओं के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा

लखनऊ में Electricity Bill Fraud in Lucknow का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें गरीब और विकलांग परिवारों को फर्जी बिजली बिल धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। यह मामला फतेहगंज के निवासी रामपाल से जुड़ा है, जिनके घर पर एक साल पहले बिजली मीटर बदलने के लिए एक कथित विद्युत कर्मचारी कमलेश आया। उसने रामपाल को झांसा देकर बिजली बिल कम कराने के नाम पर ₹1,15,000 ले लिए और बदले में फर्जी बिजली बिल की पर्ची थमा दी।

फर्जी बिजली बिल घोटाला और विभागीय भ्रष्टाचार का खेल

रामपाल को यह धोखाधड़ी तब समझ आई जब 23 दिसंबर को विद्युत कर्मियों ने उनके घर का कनेक्शन काट दिया। उन्होंने अपने पास मौजूद बिजली बिल की पर्ची दिखाने की कोशिश की, लेकिन विद्युत कर्मियों ने इसे फर्जी करार दिया। यह Fake Electricity Bill Scam गरीब उपभोक्ताओं के साथ होने वाले बिजली विभाग घोटाला और corruption की एक कड़ी है, जिसमें विभाग के कर्मी उपभोक्ताओं को ठगते आ रहे हैं।

विकलांग परिवार पर पड़ी दोहरी मार

रामपाल, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, अपने दिव्यांग बेटे और बहू के साथ रहते हैं। मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले रामपाल के लिए ₹1.15 लाख की ठगी किसी आपदा से कम नहीं है। यह Disabled Family Electricity Fraud Case विभागीय लापरवाही और बिजली मीटर बदलने का घोटाला का एक और उदाहरण है।

शिकायत पर टालमटोल और जांच का आश्वासन

इस मामले में जब हमारी टीम ने सरोसा भरोसा पावर हाउस के एसडीओ अमित से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने मीडिया का फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा। बाद में एक्शन अधिकारी वीके वर्मा ने कहा कि रामपाल के पास जो बिल है, वह फर्जी है और कमलेश नाम का कोई कर्मी उनके विभाग में नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है।

बिजली विभाग के भ्रष्टाचार पर सवाल

Corruption in Electricity Department: चोरी से दर्जनों घरों में हो रही बिजली की आपूर्ति

यह पहली बार नहीं है जब Consumer Grievance in Electricity Department सामने आई है। कुछ साल पहले इसी पावर हाउस के एक संविदा कर्मी ने किलोवाट बढ़ाने के एवज में एक उपभोक्ता से ₹10,000 की घूस ली थी। जब यह मामला मीडिया में आया, तब मुख्य अभियंता रजत जुनेजा ने संज्ञान लेते हुए उस कर्मी को निलंबित कर दिया था।

उपभोक्ता जागरूकता की जरूरत

हमारे चैनल के माध्यम से अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अगर कोई विद्युत कर्मी उनके घर आए, तो पहले उसकी आईडी जरूर चेक करें। यह घटना विद्युत उपभोक्ता शिकायत की गंभीरता और विभागीय ढांचे में सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है।

गरीब उपभोक्ताओं के लिए कहां है न्याय?

रामपाल जैसे गरीब और जरूरतमंद उपभोक्ताओं के लिए न्याय की उम्मीद करना मुश्किल होता जा रहा है। बिजली विभाग के बाहर “उपभोक्ता देवो भव” जैसे स्लोगन लिखे तो जाते हैं, लेकिन जब विभाग के कर्मचारी ही रक्षक की जगह भक्षक बन जाएं, तो इन स्लोगनों का क्या मतलब रह जाता है?

यह घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि यह पूरे बिजली विभाग घोटाले और बिजली मीटर बदलने का घोटाला के जाल को उजागर करती है। विभाग को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर उपभोक्ताओं का विश्वास बहाल करे।

Jyoti Gupta

मैं ज्योति गुप्ता पिछले तीन वर्षों से "सूचना इंडिया - इंडिया की आवाज़" के साथ काम कर रही हूँ। नगर निगम, विद्युत विभाग, और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ, मेरा कार्यक्रम "सुलगता सवाल" लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। "सूचना इंडिया आपके द्वार" के माध्यम से भी मैं समाज के मुद्दों को सामने लाने का काम करती हूँ।

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