बोकारो में MMDR एक्ट को लेकर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर निशाना, बोले- जनता को गुमराह करना बंद करे सरकार

बोकारो में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने कहा—खनिज राजस्व, रोजगार और उद्योग पर कानून के प्रभाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे सरकार

बोकारो, झारखंड। टाटा से गिरिडीह जाने के क्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी बोकारो पहुंचे। यहां जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र राज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। जिला अध्यक्ष ने शाल और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस दौरान MMDR एक्ट में संशोधन को लेकर बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून के प्रावधानों को सही तरीके से जनता के सामने रखने के बजाय राज्य सरकार इस मुद्दे पर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।
मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार के कानून को लेकर झारखंड की जनता को डराने और भ्रमित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार को खनिज राजस्व और रोजगार की चिंता है, तो उसे अपनी खनिज नीति, बंद पड़ी खदानों और खनन व्यवस्था की स्थिति पर भी जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कागज पर प्रचार करने और जमीन पर काम करने में अंतर होता है। सरकार को विज्ञापनों और राजनीतिक बयानबाजी के बजाय आंकड़ों और उपलब्धियों के साथ जनता के सामने आना चाहिए।
MMDR संशोधन को लेकर मरांडी ने कहा कि जनता को कानून की वास्तविक धाराओं और उसके संभावित प्रभाव की तथ्यात्मक जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि MMDR एक्ट की वास्तविक स्थिति, राज्य के राजस्व पर प्रभाव तथा खनन क्षेत्र में रोजगार और उद्योग पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव से जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए जाएं।
मरांडी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब झारखंड सरकार ने 2026 के MMDR संशोधन का विरोध किया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके खिलाफ लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी स्तर पर विरोध जारी रखने की बात कही है।
MMDR संशोधन को लेकर बाबूलाल मरांडी पहले भी झामुमो-कांग्रेस गठबंधन पर भ्रम फैलाने का आरोप लगा चुके हैं और कानून के प्रभाव को लेकर तथ्य सामने रखने की मांग कर चुके हैं।
रिपोर्ट: अनिल चौधरी, बोकारो, झारखंड









