वाराणसी में यूपी एटीएस की मुठभेड़ में 25 लाख का इनामी नक्सली कमांडर ढेर


वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में रविवार की भोर यूपी एटीएस और प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के सशस्त्र कमांडर के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में झारखंड के चतरा निवासी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, बृजेश गंझू पुत्र पंचू गंझू, निवासी लूटू, थाना लवलंग, जनपद चतरा, झारखंड, अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यूपी एटीएस की टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया।
बताया गया कि पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर रोकने का प्रयास किए जाने पर बृजेश गंझू मोटरसाइकिल से कूद गया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। दोनों ओर से हुई क्रॉस फायरिंग में बृजेश गंझू को गोली लगी।
मुठभेड़ के दौरान बदमाश की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय तथा हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। दोनों पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण सुरक्षित बताए गए हैं।
गोली लगने के बाद घायल बृजेश गंझू को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस और एटीएस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की तथा घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए।
बताया गया कि मृतक बृजेश गंझू झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) का कमांडर था। उसके खिलाफ झारखंड सहित अन्य स्थानों पर आपराधिक एवं नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, बृजेश गंझू की गिरफ्तारी के लिए झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये तथा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह उसकी गिरफ्तारी पर कुल 30 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित था।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस टीम द्वारा मृतक के साथी और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।




