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श्री श्याम भक्ति श्रद्धा और आस्था से सराबोर हुआ 22वाँ श्री श्याम महोत्सव

राजेश निगम की खास रिपोर्ट

झूमे हजारों श्रद्धालु, तीन दिव्य स्वरूपों के दर्शन बने विशेष आकर्षण।*श्री श्याम जी सखा मण्डल (पंजी.), कानपुर द्वारा रविवार को होटल द ब्रिज, जी.टी. रोड, कानपुर में 22वाँ श्री श्याम महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ भव्य रूप से आयोजित किया गया। महोत्सव का शुभारंभ दोपहर 2:00 बजे श्री श्याम प्रभु के समक्ष अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ।महोत्सव के लिए देश के विभिन्न स्थानों से विशेष रूप से मंगाए गए मनमोहक एवं सुगंधित पुष्पों से श्री श्याम प्रभु का भव्य श्रृंगार एवं आकर्षक फूल बंगला सजाया गया। फूलों से सुसज्जित दिव्य दरबार की भव्यता और मनमोहक छटा देखते ही बन रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कानपुर में ही खाटूधाम की पावन अनुभूति साकार हो उठी हो।श्री श्याम प्रभु के दिव्य दरबार में वृंदावन की भक्ति, खाटूधाम की आस्था और श्याम भक्तों के प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।तीन दिव्य स्वरूपों ने मोहा भक्तों का मनमहोत्सव का विशेष आकर्षण श्री श्याम प्रभु के तीन दिव्य स्वरूपों के एक साथ दर्शन रहा। प्रथम स्वरूप में लीले घोड़े पर विराजमान बाबा श्याम, मध्य में श्री श्याम प्रभु का दिव्य विग्रह तथा तीसरे स्वरूप में भक्तों के मन को मोह लेने वाला श्री कृष्ण का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही भक्तों को भव्य श्री राम दरबार एवं श्री शिव परिवार के भी दिव्य दर्शन प्राप्त हुए।कार्यक्रम में मण्डल के सदस्यों द्वारा ज्योत प्रज्ज्वलन कर श्री श्याम प्रभु की आरती की गई। इसके पश्चात जयपुर से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री चैतन्य दाधीच जी ने अपनी भावपूर्ण वाणी एवं भजनों से श्याम प्रेमियों को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उनके लोकप्रिय भजन “थारी किरपा से बाबा जीवन गुजारा जी,बिपदा जद आवे कोई थाने पुकारा जी,…” पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।इसके बाद नीमच से पधारी सुश्री कनिका गोवर जी ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से बाबा श्याम के प्रति भक्तों की श्रद्धा को और प्रगाढ़ किया। उनके भजन “उम्मीद से आया तेरे पास, प्रभु मेरी आस न टूटे, मुझे बस है तेरा विश्वास, प्रभु मेरी आस न टूटे..” ने पूरे वातावरण को भावुक एवं भक्तिमय बना दिया।इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए कोलकाता से पधारे श्री शुभम रूपम जी ने अपने भजनों से ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि पूरा पंडाल “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज उठा। उनके भजन “जाके सिर पे हाथ माहरे श्याम धनी को हॉवे है, बांको बाल न बांको हॉवे से…” सहित अनेक प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में लीन होकर झूमते दिखाई दिए।कानपुर के सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री संदीप दीक्षित ने भी अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से श्याम प्रेमियों को भक्तिरस में सराबोर किया। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान भक्ति, संगीत और श्रद्धा का ऐसा अद्भुत वातावरण बना रहा कि श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव हो रहा था मानो श्याम प्रभु स्वयं अपने भक्तों के मध्य विराजमान होकर उनकी प्रेमपूर्ण भक्ति स्वीकार कर रहे हों।गजरा उत्सव, निशान उत्सव एवं फूलों की होली ने बढ़ाई महोत्सव की भव्यतामहोत्सव में गजरा उत्सव, निशान उत्सव एवं फूलों की होली का भी भव्य आयोजन किया गया। फूलों की वर्षा और भक्तिमय वातावरण के बीच श्याम प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महोत्सव का आनंद लिया।कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े विशिष्टजनों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।महोत्सव के अंत में श्री श्याम प्रभु की भव्य आरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और इसी के साथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।महोत्सव को सफल एवं भव्य बनाने में मण्डल के सभी संरक्षकों, पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।श्री श्याम जी सखा मण्डल (पंजी.), कानपुर ने कहा कि मण्डल का मूल उद्देश्य सदैव “सेवा, भक्ति एवं मानव कल्याण” रहा है। बाबा श्याम की कृपा से मण्डल भविष्य में भी धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा के कार्यों को पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।इस अवसर पर मण्डल के सदस्य श्री रूचि किशोर गुप्ता, श्री अनुभव अग्रवाल, श्री निखिल गर्ग, श्री गोपाल बागरिया, श्री नितिन गर्ग, रितेश खण्डेलवाल, अनमोल अग्रवाल, राजेश शर्मा

Rajesh Nigam

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