शिक्षक दिवस पर 150 शिक्षकों का सम्मान, नवाचार और शिक्षण दक्षता बनी आधार


वाराणसी में शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सारनाथ में शिक्षकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पीएलसी ग्रुप, एआरपी, डीसी ट्रेनिंग के साथ प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शिक्षण कार्य, नवाचार, शिक्षण वीडियो निर्माण की दक्षता तथा निपुण आधारित आकलन के आधार पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षकों की शिक्षण दक्षता का पांच निर्धारित पैरामीटरों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक विभिन्न विषयों से संबंधित शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए शिक्षण वीडियो का प्रदर्शन भी डायट परिसर में किया गया। इन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों के नवाचारपूर्ण शिक्षण तरीकों और विषय को सरल एवं प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।

विषयवार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों में अंग्रेजी विषय में रिगल सिंह, हिंदी में चक्रधर चौबे, संस्कृत में डॉ. सुमन कुमारी, गणित में अरविंद पटेल तथा विज्ञान में ज्योति सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान कुल 150 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में विभिन्न स्तरों पर कार्यरत शिक्षक शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को उनके बेहतर कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ शिक्षण में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण पद्धतियों को बढ़ावा देना रहा।
डायट सारनाथ के प्राचार्य उमेश शुक्ला ने कहा कि प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि सम्मान का आधार केवल शिक्षण कार्य नहीं, बल्कि शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए शिक्षण दक्षता वीडियो, नवाचार तथा शिक्षण के क्षेत्र में किए गए विभिन्न उल्लेखनीय कार्य भी होते हैं। ऐसे प्रयासों से अन्य शिक्षक भी नवीन शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में डायट प्रवक्ता शालिनी उपाध्याय, विकास कुशवाहा, महेंद्र यादव, हरगोविंद पुरी सहित सेवानिवृत्त शिक्षक सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे। समारोह में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।




