खबर का असर: मछली फाटक कॉलोनी में जलकल ने संभाला मोर्चा, गंदे पानी की शिकायत पर टीम उतरी; स्वच्छ जलापूर्ति बहाल

जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने शिकायत का लिया संज्ञान, अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सत्संगी ने मौके पर टीम भेजकर कराया काम; लंबे समय से परेशान परिवारों को मिली राहत
आचार्य नरेंद्र देव वार्ड की मछली फाटक कॉलोनी में पेयजल संकट और गंदे-बदबूदार पानी की शिकायत सामने आने के बाद लखनऊ जलकल विभाग ने तत्परता दिखाते हुए समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई की। मामले की जानकारी जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह तक पहुंचने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके की स्थिति देखने और समस्या दूर कराने के निर्देश दिए।


🔴 अधिशासी अभियंता ने टीम भेजकर कराया काम
जलकल के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सत्संगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय टीम को मछली फाटक कॉलोनी भेजा। टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति और लाइन से जुड़ी समस्या का निरीक्षण किया तथा आवश्यक कार्य कराया। इसके बाद स्थानीय लोगों के अनुसार पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ और घरों तक स्वच्छ पानी पहुंचना शुरू हो गया।


🔴 समय पर कार्रवाई से लोगों को राहत
कॉलोनी के करीब 70 से 80 परिवार पिछले कुछ समय से पेयजल की समस्या से परेशान बताए जा रहे थे। कई घरों में गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत भी सामने आई थी। विभागीय टीम के मौके पर पहुंचने और काम किए जाने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।
यह कार्रवाई इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि शिकायत केवल कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे संज्ञान में लेकर फील्ड टीम को सक्रिय किया और मौके पर समाधान की दिशा में काम कराया।


🔴 अब मिनी ट्यूबवेल की मांग पर भी उम्मीद
क्षेत्रीय पार्षद मनीष रस्तोगी लंबे समय से मछली फाटक कॉलोनी में मिनी ट्यूबवेल लगाए जाने की मांग उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल जलापूर्ति सुधरने से राहत जरूर मिली है, लेकिन भविष्य में स्थायी समाधान के लिए मिनी ट्यूबवेल की मांग पर भी विभाग सकारात्मक निर्णय ले तो क्षेत्र को बार-बार होने वाली परेशानी से स्थायी निजात मिल सकती है।
जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह और अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सत्संगी की ओर से शिकायत के बाद दिखाई गई तत्परता ने यह संदेश जरूर दिया है कि समस्या अधिकारियों तक सही तरीके से पहुंचे तो उसका समाधान भी जमीन पर दिखाई दे सकता है।



