तय तारीख पर भी नहीं खुला डिब्रूगढ़ का बहुप्रतीक्षित हेरिटेज म्यूजियम, 7 साल बाद भी उद्घाटन का इंतजार

1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर होना था भव्य उद्घाटन, अब तक नई तारीख तय नहीं; टूटा गेट और झाड़ियों से घिरा मिला ऐतिहासिक परिसर
डिब्रूगढ़। ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ का बहुप्रतीक्षित डॉ. जॉन बेरी व्हाइट हेरिटेज म्यूजियम तय तारीख पर भी आम लोगों के लिए नहीं खुल सका। 1 जुलाई, राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर म्यूजियम के भव्य उद्घाटन का ऐलान किया गया था, लेकिन निर्धारित समय पर उद्घाटन नहीं हो पाया। अब तक नई उद्घाटन तारीख की भी घोषणा नहीं की गई है।
यह हेरिटेज म्यूजियम डिब्रूगढ़ के ऐतिहासिक बेरी व्हाइट मेडिकल स्कूल परिसर में बनाया गया है। करीब 2.1 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट को ऑयल इंडिया लिमिटेड ने फंड किया है, जबकि ऐतिहासिक भवन के जीर्णोद्धार का काम INTACH की ओर से किया गया है
2018 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, 7 साल बाद भी इंतजार
हेरिटेज म्यूजियम की परियोजना वर्ष 2018 में शुरू हुई थी और इसे महज 15 महीने में पूरा किया जाना था। लेकिन परियोजना शुरू होने के करीब सात साल बाद भी म्यूजियम के दरवाजे आम लोगों के लिए नहीं खुल सके हैं।
डिब्रूगढ़ के मेयर सैकत पात्र ने भी माना कि कुछ तकनीकी कारणों के चलते निर्धारित तारीख पर उद्घाटन नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि नई तारीख को लेकर अभी फैसला होना बाकी है।
करोड़ों के जीर्णोद्धार के बाद रखरखाव पर सवाल
म्यूजियम के उद्घाटन में देरी के साथ अब इसके रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हमारी टीम जब म्यूजियम परिसर पहुंची तो मुख्य प्रवेश द्वार का लोहे का एक गेट टूटकर जमीन पर पड़ा मिला। वहीं पूरे परिसर में लताएं और झाड़ियां उगी हुई दिखाई दीं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये खर्च कर जिस ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार किया गया, उसके संरक्षण और नियमित रखरखाव पर कितना ध्यान दिया जा रहा है।
डॉ. जॉन बेरी व्हाइट का असम के चिकित्सा इतिहास में अहम योगदान
यह ऐतिहासिक इमारत महज एक भवन नहीं है, बल्कि असम के चिकित्सा इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। वर्ष 1900 में डॉ. जॉन बेरी व्हाइट ने अपनी जीवनभर की बचत दान करके इस मेडिकल स्कूल की स्थापना की थी।
डॉ. जॉन बेरी व्हाइट ने असम में करीब 24 वर्षों तक चिकित्सा सेवा की। आगे चलकर यही संस्थान वर्ष 1947 में असम मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित हुआ। इसे पूरे नॉर्थ-ईस्ट का पहला मेडिकल कॉलेज माना जाता है।
ऐसे में डॉ. जॉन बेरी व्हाइट हेरिटेज म्यूजियम से उम्मीद की जा रही थी कि यह आने वाली पीढ़ियों को असम के चिकित्सा इतिहास और इस संस्थान की विरासत से रूबरू कराएगा।
अब उद्घाटन की नई तारीख का इंतजार
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक म्यूजियम के उद्घाटन की नई तारीख का ऐलान कब करता है। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि उद्घाटन होने तक ऐतिहासिक परिसर और यहां मौजूद धरोहरों के संरक्षण एवं रखरखाव के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
















