पार्षद पम्मी की नाराजगी के बाद सड़क निर्माण की जांच, अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने दिए आदेश

अच्छी सड़क पर दोबारा काम कराने की तैयारी पर उठे सवाल; पूर्व JE प्रतिमा यादव और वर्तमान JE आर.के. मिश्रा की भूमिका की होगी पड़ताल
लाल कुआं वार्ड में कटरा मकबूलगंज सामुदायिक केंद्र के पीछे पहले से बनी सड़क पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू किए जाने का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है। स्थानीय पार्षद सुशील कुमार तिवारी ‘पम्मी’ की नाराजगी और मौके पर काम रुकवाए जाने के बाद अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

🔴 सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पार्षद
सड़क पर अनावश्यक रूप से काम आगे बढ़ाए जाने की सूचना मिलते ही पार्षद सुशील कुमार तिवारी ‘पम्मी’ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि सड़क का जितना हिस्सा खराब है, निर्माण केवल उतने हिस्से में ही कराया जाए। जनता के पैसे से अच्छी सड़क को दोबारा खोदकर बनाने का कोई औचित्य नहीं है।

पार्षद ने साफ किया कि सड़क निर्माण की तकनीकी स्वीकृति, आवश्यकता और गुणवत्ता की जिम्मेदारी अभियंत्रण विभाग की होती है। इसमें पार्षद की भूमिका कार्य की निगरानी और जनहित के मुद्दे उठाने की है।

🔴 पूर्व और वर्तमान JE की भूमिका पर सवाल
ठेकेदार की ओर से दावा किया गया था कि कार्य की फाइल पूर्व JE प्रतिमा यादव के समय तैयार की गई थी, जबकि वर्तमान JE आर.के. मिश्रा के कार्यकाल में निर्माण शुरू हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सड़क का बड़ा हिस्सा ठीक था तो दोबारा निर्माण की आवश्यकता किस आधार पर तय की गई?

क्या बिना वास्तविक जरूरत के कार्य प्रस्तावित किया गया, इसकी तकनीकी जांच हुई या नहीं और इससे किसी को अनुचित लाभ पहुंचने की स्थिति बन रही थी—इन बिंदुओं की जांच अब महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

🔴 अतुल मिश्रा ने दिखाई सख्ती
मामला सामने आने और पार्षद की आपत्ति के बाद अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। विभागीय स्तर पर यह देखा जाएगा कि कार्य किसके प्रस्ताव पर स्वीकृत हुआ, मौके की वास्तविक स्थिति क्या थी और निर्माण शुरू कराने से पहले संबंधित अभियंताओं ने सड़क का सत्यापन किया था या नहीं।
पार्षद सुशील कुमार तिवारी ‘पम्मी’ की तत्परता से फिलहाल अनावश्यक निर्माण रुक गया है। अब जांच से साफ होगा कि अच्छी सड़क पर दोबारा सरकारी धन खर्च कराने की तैयारी आखिर क्यों और किस स्तर पर की गई थी।



