तनातनी के बीच मेयर सुषमा खर्कवाल का पलटवार — कार्यकारिणी और सदन बुलाकर दिखाएंगी ताकत | Lucknow Nagar Nigam News

तनातनी के बीच मेयर सुषमा खर्कवाल का पलटवार — कार्यकारिणी और सदन बुलाकर दिखाएंगी ताकत
By मनीष मिश्रा | लखनऊ | Soochna India – India Ki Aawaz
लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) में मेयर सुषमा खर्कवाल और निगम अफसरों के बीच चल रही तनातनी अब खुले टकराव में बदलती नजर आ रही है। सोमवार को मेयर सुषमा खर्कवाल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 13 और 14 नवंबर को क्रमशः कार्यकारिणी और सामान्य सदन की बैठक बुलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
मेयर ने साफ कहा —
“अब जवाबदेही से कोई नहीं बचेगा। जो भी अधिकारी बैठक से अनुपस्थित रहेगा, उस पर कार्रवाई तय है।”
अफसरों और पार्षदों में दो ध्रुव — सियासी और प्रशासनिक टकराव
नगर निगम के भीतर माहौल फिलहाल बेहद गरम है।
एक ओर मेयर सुषमा खर्कवाल और उनके समर्थक पार्षद हैं, जो सफाई व्यवस्था, जल निकासी और अधूरे विकास कार्यों पर अफसरों से जवाब मांगने की तैयारी में हैं।

दूसरी ओर अफसरों का वर्ग है, जो डेटा-बेस्ड रिपोर्ट तैयार कर अपने बचाव में तर्क पेश करने की रणनीति बना रहा है।
भाजपा पार्षद दल (BJP Councillor Group) की रविवार को हुई बैठक में तय किया गया कि हर अधूरे प्रोजेक्ट और ठेके पर अफसरों से जवाब लिया जाएगा।
वहीं प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि अधिकारी डेटा और रिपोर्ट्स के दम पर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
विकास की चर्चा या सियासत का रण?
सूत्रों के अनुसार, यह बैठकें सिर्फ विकास कार्यों की समीक्षा नहीं होंगी बल्कि मेयर और अफसरों के बीच की सियासी खींचतान का असली रणक्षेत्र साबित होंगी।
13 नवंबर को कार्यकारिणी में सितंबर में पारित प्रस्तावों पर अमल की स्थिति, सफाई व्यवस्था और जल निकासी पर चर्चा होगी, जबकि 14 नवंबर के सदन में अधूरे विकास कार्यों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मेयर ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर “ढिलाई या अनुपस्थिति” बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगम में बढ़ेगी गर्मी — जवाबदेही की जंग तय
लखनऊ नगर निगम में यह दोनों बैठकें ऐसे समय बुलाई गई हैं, जब अफसरों और मेयर खेमे के बीच तनाव चरम पर है।
पिछले सप्ताह संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अफसरों की अनुपस्थिति को लेकर मेयर ने नाराजगी जताई थी — और अब वही मुद्दा सियासी शक्ति प्रदर्शन में बदल गया है।
एक वरिष्ठ पार्षद के शब्दों में —
“यह सिर्फ बैठक नहीं, मेयर और अफसरों के बीच जवाबदेही की जंग है। अब तय होगा कि निगम में असली नियंत्रण किसका है।”
लखनऊ की सियासत में नया समीकरण
लखनऊ नगर निगम की आगामी बैठकें शहर की स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक समीकरणों पर गहरा असर डाल सकती हैं।
मेयर सुषमा खर्कवाल ने जनता के बीच अपनी एक्शन वाली छवि मजबूत करने का प्रयास किया है, जबकि अफसरों पर अब सीधी जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है।
आने वाले दो दिन यह तय करेंगे कि Lucknow Nagar Nigam में वास्तविक शक्ति किसके पास है — अफसरशाही की या जनप्रतिनिधित्व की।




