महेश वर्मा के आदेश बेअसर, पार्षद की नाराजगी भी बेकार—नगर निगम में जवाबदेही पर सवाल
लखनऊ।15 दिन हो गए “खराब सड़क” का मामला सूचना इंडिया में उठे हुए, लेकिन नगर निगम जोन-6 में हालात जस के तस बने हुए हैं। एक दिन पहले बनी सड़क और अगले ही दिन उखड़ गई सड़क आज भी उसी बदहाल स्थिति में पड़ी है।
🔴 मुख्यालय नहीं तो कम से कम जोनल कार्यालय भी नहीं बचा जब नगर निगम अपने मुख्यालय के सामने की सड़क को ठीक रखने में विफल रहा, तो यह मामला तो जोन-6 के उस कार्यालय का है जहां खुद जोनल अधिकारी बैठते हैं। ऐसे में अपने ही दफ्तर के सामने सड़क का खराब होना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
🔴 आदेश जारी, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस
चीफ इंजीनियर महेश वर्मा द्वारा जांच के आदेश और लेटर जारी किए जाने के बावजूद 15 दिन बाद भी न सड़क दोबारा बनी और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई।
🔴 अधिशासी अभियंता मौन, कार्रवाई शून्य संबंधित अधिशासी अभियंता की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न कोई स्पष्ट जांच रिपोर्ट सामने आई और न ही जिम्मेदारों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई हुई।
🔴 रिटायरमेंट मोड में इंजीनियर, सिस्टम लाचार
जूनियर इंजीनियर रमन कुमार सिंह रिटायरमेंट के दिन गिन रहे हैं और विवादों से दूरी बनाए हुए हैं। वहीं सहायक अभियंता आलोक श्रीवास्तव भी रिटायरमेंट से पहले किसी ठेकेदार को नाराज नहीं करना चाहते—जिसका सीधा असर कामकाज पर दिख रहा है।
🔴 ठेकेदार पर फिर भी नहीं कार्रवाई 15वें वित्त से हुए इस कार्य में ठेकेदार डॉली शुक्ला का नाम पहले भी विवादों में रहा है। पार्षद मनीष रस्तोगी द्वारा अपर आयुक्त डॉ. अरविंद राव को पत्र देने और सदन में मुद्दा उठाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
🔴 “बनाने” का वादा, लेकिन सड़क आज भी खराब स्थानीय स्तर पर सड़क दोबारा बनाने का दावा किया गया था, लेकिन 15 दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़क अभी भी उखड़ी और खराब हालत में पड़ी है।
🔴 पार्षद की नाराजगी भी बेअसर पार्षद मनीष रस्तोगी की लगातार नाराजगी और शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई असर नहीं दिखा।
🔴 अकेले नगर आयुक्त पर जिम्मेदारी, सिस्टम फेल? नगर आयुक्त गौरव कुमार की सख्त छवि के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा। इससे पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
🔴 महापौर के हाथ से फिसलता दिख रहा नगर निगम लगातार ऐसे मामलों के सामने आने से यह चर्चा तेज हो गई है कि नगर निगम की कार्यप्रणाली महापौर के नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।
🔴 जनता परेशान, जिम्मेदार बेपरवाह खराब सड़क से लोगों को अब भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है—दुर्घटना का खतरा, धूल और जाम की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
🔻आदेश फाइलों में, सड़क जमीन पर बदहाल
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।