अलीगंज थाने में प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कार्रवाई नहीं—“पैसा और पावर हावी” का आरोप
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी निजी एजेंसी लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड (LSA) के जोन-3 से जुड़ा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। एक ओर जहां सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जोनल इंचार्ज प्रशांत मिश्रा द्वारा संविधान और कानून व्यवस्था पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता सूरज कनौजिया ने अब भ्रष्टाचार, धमकी और पुलिस कार्रवाई में देरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
🟥 वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद जोन-3 से जुड़े एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर प्रशांत मिश्रा यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “संविधान कुछ नहीं है… जिसके पास पावर है वही सर्वोपरि है, कानून गया तेल लेने”। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया गया।
🟥 शिकायतकर्ता ने लगाए बड़े आरोप शिकायतकर्ता सूरज कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने LSA के कार्यों में कथित अनियमितताओं, फर्जी बिलिंग और बड़े स्तर पर वसूली को लेकर नगर आयुक्त से शिकायत की थी। उनका कहना है कि इसी के बाद उन्हें सीधे तौर पर धमकाया गया। कनौजिया के अनुसार, विरोध करने पर संबंधित अधिकारी द्वारा न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि उन्हें नौकरी से हटाने और बर्बाद करने की धमकी भी दी गई।
🟥 अलीगंज थाने में दिया गया प्रार्थना पत्र मामले में शिकायतकर्ता द्वारा थाना अलीगंज में लिखित प्रार्थना पत्र भी दिया गया। आरोप है कि शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी कई दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कनौजिया का कहना है कि मामला जांच के लिए चौकी स्तर पर भेजा गया, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष या कार्रवाई सामने नहीं आई है।
🟥 “पंचिंग आईडी बंद, फंसाने की साजिश” का आरोप शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद उनकी पंचिंग आईडी बंद करा दी गई और उन्हें नौकरी से बाहर करने की कोशिश की गई। साथ ही यह भी आरोप है कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रची जा रही है।
🟥 कंपनी की भूमिका पर भी सवाल मामले में संबंधित कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी द्वारा निष्पक्ष जांच कराने के बजाय संबंधित अधिकारी का सहयोग किया जा रहा है, जिससे पूरे प्रकरण की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है।
🟥 कार्रवाई न होने पर उठे बड़े सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी कार्यों से जुड़ी निजी एजेंसियों में जवाबदेही सुनिश्चित हो पा रही है या नहीं। शिकायतकर्ता का दावा है कि “पैसा और पावर” के प्रभाव के चलते उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे कानून व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
🟥 जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारी या कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं वायरल वीडियो की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण में क्या रुख अपनाता है और क्या शिकायतकर्ता के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।