लखनऊ में डग्गामार वाहनों पर चला ट्रैफिक और परिवहन विभाग का डंडा, दर्जनों वाहन सीज़
लखनऊ में चला बड़ा एक्शन! परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर डग्गामार वाहनों पर की बड़ी कार्रवाई। 68 वाहन सीज़ | 34 चालान

लखनऊ, 18 मई 2025 – राजधानी लखनऊ में सड़क सुरक्षा और अवैध परिवहन पर सख्ती बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से डग्गामार वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई में अब तक 68 वाहन सीज़ और 34 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं।
तीन दिन पहले जलती बस ने खोली लापरवाही की पोल
तीन दिन पूर्व लखनऊ में एक चलती बस में अचानक आग लग गई थी, जिसकी खबर सूचना इंडिया ने प्रमुखता से दिखाई थी। इस घटना ने परिवहन विभाग की लापरवाही को उजागर किया और डग्गामार वाहनों की अनदेखी पर सवाल खड़े किए।
आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस का संयुक्त चेकिंग अभियान

परिवहन विभाग ने राजधानी के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग पॉइंट्स में शामिल रहे:
- भिटौली चौराहा
- अवध चौराहा
- कमता पॉलिटेक्निक
- शहीद पथ
- आईआईएम चौराहा
- कानपुर रोड
अभियान के अंतर्गत 6 प्रवर्तन टीमों ने मिलकर 34 वाहनों का चालान और 29 को जब्त किया।
आरटीओ संदीप कुमार पंकज के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।
आरटीओ उन्नाव अरविंद कुमार सिंह ने मडियाहूं थाना क्षेत्र में 4 वाहन सीज़ किए।
यातायात पुलिस ने भी की बड़ी कार्रवाई








यातायात पुलिस ने शहर के अलग-अलग चौराहों जैसे:
- पॉलिटेक्निक चौराहा
- बाराबिरवा चौराहा
- कमता तिराहा
- कानपुर रोड
पर एम.वी. एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 68 डग्गामार वाहनों को सीज़ किया।
इनमें शामिल थे:
- 06 डबल डेकर बसें
- 07 विक्रम टैम्पो
- 01 ऑटो (बिना परमिट)
सवालों के घेरे में अधिकारी, फोर व्हीलर कमर्शियल वाहन अब भी सक्रिय
जहाँ बसों और टैम्पो पर कार्रवाई हुई, वहीं सवाल यह भी उठ रहे हैं कि बिना परमिट चल रही प्राइवेट फोर व्हीलर कमर्शियल गाड़ियाँ अधिकारियों की नजर से क्यों बच गईं?
सूचना इंडिया द्वारा इस पर पहले ही रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति ही नजर आई।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने सभी जिलों के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, RTO प्रवर्तन, यात्री कर अधिकारी को सख्त निर्देश दिए थे कि बिना परमिट या रूट उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई हो। लेकिन ग्राउंड पर यह सख्ती नज़र नहीं आई।
कब हटेंगे अवैध स्टैंड और कब होगी ठोस कार्रवाई?
लखनऊ की सड़कों पर दौड़ते अवैध डग्गामार वाहन न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि यह सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचाते हैं। अब देखना यह है कि क्या अधिकारी सिर्फ दिखावटी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे या वास्तव में लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की ठोस पहल करेंगे।


