स्वच्छ हवा में लखनऊ नंबर-1 सूचना इंडिया से महापौर की खास बातचीत

लखनऊ की इस उपलब्धि के पीछे एक नहीं बल्कि कई स्तर पर किए गए काम महत्वपूर्ण रहे।
शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को मजबूत किया गया।
घरों और दुकानों से कूड़ा सीधे वाहनों के जरिए उठाने और उसे ट्रांसफर स्टेशन तथा प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर दिया गया।
शहर में कॉम्पैक्टर और ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए गए, जिससे कूड़ा खुले स्थानों पर लंबे समय तक पड़ा न रहे।
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प्रदूषण कम करने की दिशा में नगर निगम ने इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल भी बढ़ाया।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 1100 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन लगाए गए हैं।
इससे जहां डीजल की खपत कम हुई, वहीं वाहनों से निकलने वाले धुएं में भी कमी आई।
इन वाहनों की GPS आधारित कंट्रोल कमांड सेंटर से निगरानी भी की जा रही है, जिससे कूड़ा उठान की व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।
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सड़क से उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया गया।
नगर निगम के मुताबिक करीब 559 किलोमीटर से अधिक सड़क और फुटपाथ को पक्का किया गया।
कच्चे फुटपाथों पर इंटरलॉकिंग लगाई गई।
टूटी सड़कों और कच्चे किनारों से उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण की बड़ी वजह होती है, ऐसे में सड़क और फुटपाथ सुधार का असर भी स्वच्छ वायु अभियान में दिखाई दिया।
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वहीं शहर में हरियाली बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
करीब तीन लाख पौधे लगाए गए।
मियावाकी फॉरेस्ट, वर्टिकल गार्डन और अलग-अलग हरित क्षेत्र विकसित किए गए।
इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन में करीब 140 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
घरों तक PNG जैसे स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी काम हुआ।
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शहर में जाम कम करने के लिए फ्लाईओवर निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था में सुधार से जुड़े कार्यों ने भी प्रदूषण नियंत्रण में अपनी भूमिका निभाई।
लखनऊ में चल रही कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की, जहां उन्होंने इस उपलब्धि पर लखनऊवासियों को बधाई दी।
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लखनऊ शहर के साथ नगर निगम के जोन-4 स्थित पेपर मिल कॉलोनी वार्ड संख्या-70 ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इस वार्ड ने अपनी श्रेणी में 200 में से पूरे 200 अंक हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया।
वार्ड को इस उपलब्धि के लिए 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है।
BYTE — पार्षद सौरभ सिंह मोनू
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पार्षद सौरभ सिंह मोनू ने इस उपलब्धि को पूरे शहर और नगर निगम की टीम की मेहनत का परिणाम बताया और बेहतर काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का धन्यवाद किया।
वहीं पार्षद प्रतिनिधि संतोष राय ने भी सूचना इंडिया के राज्य संवाददाता मनीष मिश्रा से बातचीत में नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों के योगदान की सराहना की।
BYTE — पार्षद प्रतिनिधि संतोष राय
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इस सर्वेक्षण में सिर्फ नगर निगम की ओर से दिए गए आंकड़ों को आधार नहीं बनाया गया।
19 से 21 अगस्त 2026 के बीच केंद्र की टीम लखनऊ पहुंची और शहर में किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन किया।
पेपर मिल कॉलोनी वार्ड का भी अलग से सर्वे किया गया।
यानी साफ-सफाई, धूल नियंत्रण, कूड़ा प्रबंधन, हरियाली और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े दावों को जमीन पर भी परखा गया।
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कुल मिलाकर लखनऊ के नंबर-वन बनने की कहानी बेहतर साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल, सड़क की धूल कम करने, हरियाली बढ़ाने और अलग-अलग विभागों के बेहतर तालमेल से जुड़ी है।
नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास के साथ शहरवासियों का सहयोग भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण रहा।
अब इस सम्मान के बाद लखनऊ के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि जो व्यवस्था शहर को देश में नंबर-वन तक लेकर आई है, उसका असर सिर्फ चुनिंदा इलाकों तक नहीं बल्कि हर वार्ड, हर सड़क और हर मोहल्ले में लगातार दिखाई दे।
सूचना इंडिया, लखनऊ।इस पैकेज में महापौर की बाइट शुरुआती उपलब्धि के तुरंत बाद, सौरभ सिंह मोनू की बाइट वार्ड-70 की उपलब्धि के बाद और संतोष राय की बाइट कर्मचारियों के योगदान वाले हिस्से में लगेगी। इससे पैकेज लगातार VO जैसा नहीं लगेगा और तीनों बाइट्स स्वाभाविक तरीके से कहानी को आगे बढ़ाएंगी।






